
दूसरों से तुलना छोड़ बच्चे की छिपी प्रतिभा को पहचानें और करियर को दें नई दिशा
आज के दौर में भी कई माता-पिता अपने बच्चों की तुलना दूसरों से करते हैं जिससे बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर होता है। बच्चों के सही मार्गदर्शन और उनके बेहतर करियर के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझना बेहद जरूरी है:
तुलना करने से बचें: हर बच्चे की सीखने और समझने की क्षमता अलग होती है। जब पेरेंट्स लगातार दूसरों का उदाहरण देते हैं तो बच्चे में असफलता का डर बैठ जाता है। तुलना बंद करने से बच्चा खुलकर अपनी बात कह पाता है।
छिपी प्रतिभा को पहचानें: पढ़ाई के अलावा हर बच्चे में कोई न कोई खास हुनर जरूर होता है। संगीत खेल कला कोडिंग या तकनीक जैसे क्षेत्रों में बच्चे की रुचि को पहचानें और उसे सही दिशा दें।
पढ़ाई और हुनर में संतुलन: टैलेंट को बढ़ावा देने के चक्कर में पढ़ाई से ध्यान न हटाएं। शिक्षा जीवन में एक मजबूत आधार प्रदान करती है और किसी भी क्षेत्र में विफलता मिलने पर सबसे बड़ा सहारा या बैकअप बनती है।
बच्चे पर इच्छाएं न थोपें: बच्चे को अपनी पसंद का काम करने की आजादी दें। जब बच्चा अपनी रुचि के अनुसार मेहनत करता है तो उसे सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। थोपे गए फैसलों से बच्चा दबाव महसूस करता है।
सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन: पेरेंट्स का काम सिर्फ सही और गलत का रास्ता दिखाना है। बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों पर उसकी तारीफ करें और उसे नया सीखने के लिए प्रेरित करें।
हेमलता शर्मा जयपुर
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