सामाजिक चोर :  एक नई जमात समाज

सामाजिक चोर : एक नई जमात समाज

आजकल सामाजिक चोरों की एक नई जमात समाज में फैलती जा रही है। ये चोर रूपए-पैसे की जगह आपके दोस्त और सामाजिक परिचय को चुराते हैं। ये लोग आपके दोस्तों को आप से दूर कर देते हैं। ऎसे लोगों की नजर रसूखदार या पहुंच वाले लोगों पर होती है। जब आप इनको अपने ऎसे दोस्त से मिलाते हैं तो वे धीरे-धीरे उनसे नजदीकीयां बढ़ा लेते हैं। ऎसे लोग तुरंत पहचान लेते हैं कि कौन सा व्यक्ति उनके काम आ सकता है।
महिलाएं भी: सिर्फ पुरूष ही नहीं महिलाएं भी सामाजिक चोर होती हैं। महिलाएं भी इस तरह का संपर्क बनाने में माहिर होती हैं। सामाजिक चोरों को आसानी से नहीं पहचाना जा सकता। ये लोग सूरत से इतने मासूम होते हैं कि इन पर शक नहीं होता। ऎसे लोग नजरे बचा कर अपने काम को अंजाम देते हैं। ऎसी महिलाएं किसी पडौसिन के साथ यदि उनके किसी रसूखदार रिश्तेदार से मिलेगी तो रिश्तेदार से इतनी दोस्ती कर लेंगी कि आपसे पहले उन्हें आपके रिश्तेदारों की खबर मिल जाएगी। यदि आप लापरवाह स्वभाव के हैं तो ऎसे लोग आपके दोस्त ही नहीं बल्कि आपके सामाजिक जीवन को भी चुरा लेंगी।
क्यों करते हैं ऎसा: मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऎसे लोग आगे बढ़ने के लिए ऎसा करते हैं। सामाजिक चोर ऎसा कोई मौका नहीं छोडना चाहते जो उन्हें फायदा पहुंचा सकता है। ऎसे लोग रसूखदार लोगों से अपनी जान-पहचान बढाना चाहते हैं। ऎसे लोग रसूखदार लोगों को सामाजिक पहचान बनाने की सीढी मानते हैं।
सामाजिक प्रतिष्ठा: नियम से काम कराने में धैर्य और समय दोनों की जरूरत होती है और जान-पहचान होने से काम आसानी से हो जाते हैं। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढती है। ऎसे लोग सामाजिक प्रतिष्ठा की खातिर लोगों से संपर्क बनाने की तलाश में रहते हैं। लोकप्रिय होने की इच्छा ऎसे लोगों में इतनी बढ जाती है कि ये लोग दूसरों के मोबाइल से नंबर तक चुरा लेते हैं। ऎसे लोग रसूखदारों से दोस्ती की तलाश में रहते हैं।
आदत: कुछ लोगों का स्वभाव ही इतना दोस्ताना, मिलनसार और मजाकिया होता है कि कि दोस्ती अपने आप होती जाती है लेकिन एक अच्छे दोस्त को चाहिए कि वह कडी के रूप में अपने दोस्त को पीछे धकेल कर किसी से दोस्ती ना करे। फैशन जगत में यह आम आदत हैं। ऎसे लोगों की दोस्ती करने की रफ्तार बहुत तेज होती है।
दोस्तों को अलग कर: हर व्यक्ति ऎसे से दोस्ती करना चाहता है जो उसके लिए फायदेमंद होता है। सामाजिक चोर ऎसे लोगों से रिश्तों बनाने की जोड-तोड में लगे रहते हैं। ऎसे लोग कई बार अच्छे दोस्तों में गलतफहमी पैदा कर आपको अपने दोस्त से दूर कर देते हैं। सामाजिक चोर आपके अच्छे और रसूखदार लोगों को आपसे दूर कर खुद उनके नजदीक आ जाते हैं। इसलिए ऎसे लोगों से सावधान रहिए जो आपके दोस्त आप से चुरा लेते हैं।

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