जानें कैसे बचे थायरायड से ?

जानें कैसे बचे थायरायड से ?

थायराइड ऎसी बीमारी है, जो किसी भी उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले लेती है, लेकिन सर्वे बताते है कि यह पुरूषों के बजाएं महिलाओं में अधिक होती है। थायराइड एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्लैंड होता है, जो कि बटरफ्लाई शेप में होता है। यह गले के फ्रंट में तथा श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों तरफ दो भागों में बंटा होता हे। थायराइड शरीर में होमोंüन प्रोड्यूस करती है और यह मेटाबॉलिज्म ग्रंन्थि को कंट्रोल करती है।

हम जो भी खाना खाते हैं, उसको यह थायराइड गंरन्थि शरीर के लिए उपयोगी ऊर्जा में बदलती है। इसके लिए यह थायरायड ग्रंन्थि से निकलने वाले हार्मोन शरीर की लगभग सभी क्रियाओं पर अपना प्रभाव डालते हैं। बॉडी में थायराइड की कमी या अधिकता ब्लड टेस्ट के जरिए पता लगायी जाती है।
यह दो प्रकार का होता है- हाइपरथायरॉइडिज्म और हाइपोथारॉइडिज्म। थायराइड ग्रंन्थि से अधिक हार्मोन बनने लगे तो हाइपरथायरॉइडिज्म और कम बनने लगे तो हाइपरथायरॉइडिज्म और कम बनने हाइपोथायरॉइडिज्म हो जाता है। हाइपोथायरॉइडिज्म होेने पर निमAलिखित लक्षण देखने में आ सकते हैं, जैसे कि थकान, आलस, कब्ज का होना, चिचिडाप, अत्यधिक ठंड लगना, भूल जाना, डिप्रेशन आदि। 

उपर्युक्त लक्षण - इसके अलावा बहुत ज्यादा गुस्सा आता है। अत्यधिक गर्मी बर्दाशत नहीं होती। हार्ट बीट बढ जाती है। वजन बहुत कम रहता है। पसीना अधिक आता है। पेट की पाचनशक्ति ठीक नहीं रहती। किसी भी काम में मन नहीं लगता है। पीरियड में अनियमितता देखी जाती है। बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। अधिकतर लोगों को थायराइड के बारे में पता नहीं होता, इसलिए वह इन लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं।  
थायराइड की जांच- थायराइड के लिए इनवेस्टीगेशन किए जाने में ब्लड टेस्ट में प्रमुख है- टी3, टी4 और टीएसएच । इस रिपोर्ट के मिजरमेंट से ही थायराइड के अधिक या कमी का पता चलता है। इसे लापरवाही करने पर थायराइड कैंसर तक हो सकती है। उस हालत में बॉयोप्सी की जाती है तथा कई अलग-अलग प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं।


थायराइड होने के कारण-कुछ खाने वाले पदार्थ भी थायराइड को बढाने में योगदान देते हैं। फैमिली हिस्ट्री। फैमिली में किसी को रेडिशयन एक्सपोजर हुआ हो या फिर किसी मेडिसिन की वजह से थायराइड हुआ है। कोई मेडिसिन या ट्रीटमेंट की वजह भी थायराइड का कारण बनती है। टेंशन में थायराइड बढता है। अक्सर डिप्रशेन की स्थिति भी थायराइड गंरन्थि पर असर डालती है। सर्जिकल ऑपरेशन में कुछ छूट जाने के कारण भी थायराइड होने की संभावना बढ जाती है।


इलाज- हैल्दी डाइट, एक्सरसाइज व योगा के अलावा समय-समय पर थायराइड की जांच इस बीमारी को रोकने में काफी मदद करती है। अपने वजन पर कंट्रोल रखें।

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