
डांट-डपट को कहें बाय-बाय इन खास तरीकों से खुद पढ़ने बैठेगा आपका बच्चा
आज के दौर में बच्चों को पढ़ाई के लिए तैयार करना किसी बड़े काम से कम नहीं है क्योंकि जैसे ही किताबों का नाम लो बच्चे गायब हो जाते हैं। ऐसे में माता-पिता का गुस्सा होना स्वाभाविक है लेकिन बार-बार चिल्लाने या डांटने से बच्चे पढ़ाई से और दूर भागने लगते हैं। पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिना गुस्सा किए भी बच्चों में पढ़ाई का शौक जगाया जा सकता है।
बनाएं एक मजेदार डेली रूटीन
इसके लिए सबसे पहले बच्चों के लिए एक ऐसा टाइम-टेबल तैयार करें जिसमें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि उनके खेलने और आराम करने का समय भी तय हो। जब बच्चों को मालूम होगा कि इस पढ़ाई के बाद उन्हें उनका पसंदीदा गेम खेलने को मिलेगा तो वे बिना किसी नखरे के पढ़ने बैठ जाएंगे।
बड़े सिलेबस को छोटे टास्क में बदलें
एक साथ पूरी किताब सामने रखकर बच्चों पर दबाव न बनाएं बल्कि उन्हें छोटे-छोटे लक्ष्य दें। जैसे आप कह सकते हैं कि अभी हम सिर्फ दो लाइनें याद करेंगे। जब बच्चा उस छोटे से काम को पूरा कर ले तो उसकी पीठ थपथपाएं क्योंकि यह तारीफ उन्हें आगे के काम के लिए प्रेरित करती है।
नो-डिस्ट्रैक्शन जोन तैयार करें
पढ़ाई के समय कमरे का माहौल बिल्कुल शांत होना चाहिए और टीवी को बंद रखना चाहिए। बच्चे के आसपास मोबाइल या टैबलेट न होने दें और सबसे ज़रूरी बात यह है कि जब बच्चा पढ़ रहा हो तब माता-पिता को भी अपने फोन से दूरी बना लेनी चाहिए ताकि बच्चा खुद को अकेला न समझे।
पढ़ाई के बीच में दें शॉर्ट ब्रेक और रिवॉर्ड
लगातार पढ़ने से बच्चे बोर हो जाते हैं इसलिए हर बीस से पच्चीस मिनट की पढ़ाई के बाद उन्हें पांच मिनट का एक छोटा सा ब्रेक दें। इसके अलावा अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्हें कोई छोटा सा इनाम या उनकी पसंद का स्केच बनाने का मौका दें जिससे पढ़ाई उनके लिए एक खेल जैसी बन जाएगी।
धैर्य है सबसे बड़ा हथियार
बच्चे सीखते समय गलतियां करेंगे और कई बार एक ही चीज़ बार-बार भूलेंगे लेकिन ऐसे में आपको अपना आपा नहीं खोना है। वे जितनी बार भी सवाल पूछें उन्हें ठंडे दिमाग और प्यार से समझाएं क्योंकि जब आप उनके साथ दोस्ताना व्यवहार करेंगे तो वे बिना किसी डर के अपनी बात आपके सामने रख सकेंगे।
हेमलता शर्मा जयपुर
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