जिया धडक धडक जाए...

जिया धडक धडक जाए...

रोमांस एक अनुभूति संतुष्टि की। यह तन मन दोनों को संतुष्ट करता है। यही संतुष्टि हमारे अंदर एक ऊर्जा का संचार करती है। लेकिन यह ऊर्जा यूं ही नहीं आती, इसे पाने के लिए भी एक ऊर्जा की जरूरत होती । वह एनर्जी जो उत्तेजित करती है, पहले मन को, फिर तन को। जी हां, प्यार के लिए जितना अहम आपका शरीर है, उतना ही अहम मन भी है क्योंकि किसी भी चीज की अनुभूति के लिए से पहले मन को आगे लाना पडता है। ठीक उसी तरह रोमांस की उत्तेजना पहलेे मन से ही शुरू होती है।


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