
प्रेशर कुकर का रबड़ जल्दी हो जाता है ढीला, ऐसे करें फिक्स
प्रेशर कुकर किचन का ऐसा बर्तन है जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है। दाल, चावल, सब्जी से लेकर कई तरह के व्यंजन बनाने में यह समय और मेहनत दोनों बचाता है। लेकिन लगातार इस्तेमाल और गर्मी के कारण कुकर की रबर गैस्केट समय के साथ ढीली, सख्त या अपनी जगह से खिसकने लगती है। कई बार रबर ठीक से फिट न होने पर कुकर से भाप बाहर निकलने लगती है और खाना बनाने में परेशानी होती है। ऐसे में कुछ लोग रबर को तुरंत बदलने के बजाय घरेलू तरीके से उसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। हालांकि यह समझना जरूरी है कि गैस्केट प्रेशर कुकर की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर उसमें दरार, कट, ज्यादा सख्ती या गंभीर ढीलापन दिखाई दे, तो उसे ठीक करने के बजाय निर्माता द्वारा सुझाई गई नई गैस्केट लगाना ही सुरक्षित विकल्प है।
पहले रबर को अच्छी तरह साफ करें
कई बार रबर वास्तव में ढीली नहीं होती, बल्कि उसके किनारों पर तेल, मसाले या खाने के छोटे कण जमा होने के कारण वह सही तरीके से फिट नहीं हो पाती। सबसे पहले कुकर से गैस्केट निकालें और उसे हल्के डिशवॉश और साफ पानी से धोएं। इसके बाद रबर को अच्छी तरह सुखाएं और कुकर के ढक्कन की गैस्केट वाली जगह को भी साफ करें। वहां जमा गंदगी हटने के बाद रबर दोबारा सही तरीके से बैठ सकती है। सफाई करते समय रबर को खींचकर उसका आकार बदलने की कोशिश न करें।
रबर की फिटिंग को करें सही
गैस्केट को वापस लगाने से पहले यह जांचें कि वह पूरे घेरे में समान रूप से बैठी है या नहीं। कहीं कोई हिस्सा बाहर निकला हुआ या मुड़ा हुआ न हो। अगर रबर एक तरफ से निकल रही है, तो उसे खींचने के बजाय धीरे-धीरे सही ग्रूव में सेट करें। कुकर के ढक्कन को बंद करते समय भी ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। सही फिटिंग के बाद भी अगर गैस्केट ढीली महसूस हो रही है, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
गर्म पानी से थोड़ी देर नरम कर सकते हैं
अगर गैस्केट इस्तेमाल के कारण थोड़ी सख्त हो गई है, तो उसे साफ गर्म पानी में कुछ मिनट रखने से रबर थोड़ी नरम हो सकती है। इसके बाद उसे बाहर निकालकर पूरी तरह सुखाएं और फिर सही तरीके से फिट करें। ध्यान रखें कि गैस्केट को सीधे गैस की आंच पर गर्म न करें और न ही उसे किसी तेज रसायन में भिगोएं। गर्म पानी का उद्देश्य केवल सफाई और अस्थायी रूप से लचीलापन बनाए रखने में मदद करना है, खराब गैस्केट को स्थायी रूप से ठीक करना नहीं।
रबर को तेल या ग्रीस लगाकर ठीक करने से बचें
कुकर की गैस्केट ढीली होने पर कई लोग उसे टाइट करने के लिए तेल, ग्रीस या दूसरे पदार्थ लगाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है, क्योंकि इससे रबर की सतह और उसकी पकड़ प्रभावित हो सकती है। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले हिस्से पर किसी ऐसे पदार्थ का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए जिसकी निर्माता ने अनुमति न दी हो। गैस्केट को साफ, सूखा और सही स्थिति में रखना ही बेहतर तरीका है।
कब बदल देना चाहिए कुकर का रबर?
अगर गैस्केट में कट, दरार, टूट-फूट, असामान्य सख्ती या स्थायी ढीलापन दिखाई दे रहा है, तो उसे घरेलू तरीके से ठीक करने की कोशिश न करें। कुकर से लगातार भाप बाहर निकल रही हो या प्रेशर सही तरीके से बन नहीं रहा हो, तब भी इस्तेमाल रोककर गैस्केट की जांच करें। जरूरत पड़ने पर उसी मॉडल और निर्माता के अनुसार सही गैस्केट लगवाएं। प्रेशर कुकर में सुरक्षा सबसे जरूरी है, इसलिए केवल कुछ पैसे बचाने के लिए खराब रबर का इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।
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