Parenting Tips: रात में बच्चे जल्दी सोने में करते हैं आनाकानी, तो ये तरीके आएंगे काम

Parenting Tips: रात में बच्चे जल्दी सोने में करते हैं आनाकानी, तो ये तरीके आएंगे काम

बच्चों का समय पर और पर्याप्त नींद लेना उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन कई माता-पिता की शिकायत होती है कि उनका बच्चा रात में सोने से बचने की कोशिश करता है, बार-बार बहाने बनाता है या देर रात तक जागता रहता है। इसकी वजह अनियमित दिनचर्या, ज्यादा स्क्रीन टाइम, दिन में लंबी नींद या सोने से पहले अत्यधिक उत्साह वाली गतिविधियां हो सकती हैं। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो इसका असर बच्चे के मूड, पढ़ाई, ध्यान और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान पैरेंटिंग टिप्स अपनाकर बच्चे में समय पर सोने की आदत विकसित की जा सकती है।

हर दिन एक तय समय पर सुलाने की आदत डालें
बच्चों की अच्छी नींद के लिए सबसे जरूरी है कि उनका सोने और उठने का समय लगभग रोज एक जैसा हो। छुट्टियों या वीकेंड पर भी इस रूटीन को ज्यादा न बदलें। जब बच्चा रोज एक ही समय पर बिस्तर पर जाता है, तो उसकी बॉडी क्लॉक उसी के अनुसार काम करने लगती है और उसे समय पर नींद आने लगती है। शुरुआत में थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन नियमितता से यह आदत धीरे-धीरे बन जाती है। सोने से पहले शांत माहौल बनाना भी इस रूटीन को सफल बनाने में मदद करता है।

सोने से पहले मोबाइल और टीवी से रखें दूरी
आजकल कई बच्चे सोने से पहले मोबाइल, टीवी या टैबलेट का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी नींद प्रभावित हो सकती है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी शरीर की प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया में बाधा डाल सकती है। इसलिए कोशिश करें कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले बच्चे को स्क्रीन से दूर रखें। इसकी जगह उन्हें कहानी सुनाएं, किताब पढ़ने के लिए प्रेरित करें या हल्की-फुल्की बातचीत करें। इससे बच्चा शांत महसूस करेगा और उसे जल्दी नींद आने में मदद मिल सकती है।

रात की सुकूनभरी रूटीन बनाएं
बच्चे को हर रात सोने से पहले एक जैसी गतिविधियां करने की आदत डालें। जैसे हाथ-मुंह धोना, दांत साफ करना, नाइट सूट पहनना, कहानी सुनना या हल्का लोरी संगीत सुनना। जब ये गतिविधियां रोज एक क्रम में होती हैं, तो बच्चे का दिमाग समझने लगता है कि अब सोने का समय है। ध्यान रखें कि सोने से पहले तेज आवाज वाले खेल या बहुत ज्यादा उत्साह बढ़ाने वाली गतिविधियां न कराएं, क्योंकि इससे बच्चे को नींद आने में देरी हो सकती है।

धैर्य रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें
अगर बच्चा कभी-कभी सोने में आनाकानी करता है, तो यह सामान्य बात हो सकती है। ऐसे में गुस्सा करने या डांटने के बजाय प्यार और धैर्य से उसे समझाएं। लेकिन यदि लंबे समय तक बच्चा सो नहीं पा रहा है, रात में बार-बार जागता है, तेज खर्राटे लेता है या उसकी नींद की समस्या उसके व्यवहार और स्वास्थ्य को प्रभावित करने लगी है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा। सही दिनचर्या, शांत वातावरण और माता-पिता का सहयोग बच्चे में अच्छी नींद की आदत विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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