
Parenting: स्कूल की डिग्री नहीं परिवार के ये 5 संस्कार बनाते हैं बच्चों को असली सिकंदर
बच्चों के बेहतर भविष्य और करियर के लिए स्कूल की शिक्षा जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी वह सीख है जो उन्हें अपने परिवार से मिलती है। स्कूल बच्चों को किताबों का ज्ञान और दुनिया से मुकाबला करना सिखाता है।
लेकिन जीवन को सही तरीके से जीने की कला रिश्तों की अहमियत और भावनाओं पर काबू पाना बच्चा अपने घर से ही सीखता है। ये कुछ ऐसी बातें हैं जो दुनिया की किसी किताब में नहीं लिखीं लेकिन बच्चे के पूरे जीवन को संवारती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ जरूरी बातें जो बच्चे सिर्फ अपने घर से सीखते हैं।
निस्वार्थ प्रेम का अहसास:
बच्चा सबसे पहले अपने घर में ही यह समझता है कि सच्चा प्यार क्या होता है। यह प्यार किसी दिखावे का मोहताज नहीं होता बल्कि इसमें भरोसा और सुरक्षा की भावना छिपी होती है। जब बच्चों को घर में पूरा अपनापन मिलता है तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
आपसी मतभेदों को सुलझाना:
हर परिवार में कभी न कभी अनबन या बहस जरूर होती है। लेकिन बच्चे जब अपने बड़ों को आपस में लड़ते और फिर थोड़ी देर बाद सब भूलकर मुस्कुराते हुए देखते हैं तो वे एक बहुत बड़ा सबक सीखते हैं। वे समझते हैं कि नाराजगी के बाद भी रिश्तों में प्यार बना रह सकता है और मुश्किल हालातों में बातचीत से रास्ता निकाला जा सकता है।
जिम्मेदारी का अहसास:
घर के छोटे-मोटे कामों में हाथ बंटाकर बच्चे जिम्मेदारी उठाना सीखते हैं। अपनी चीजों को संभालना और दूसरों की मदद करना उन्हें एक जिम्मेदार इंसान बनाता है। यह आदत आगे चलकर उनके करियर और निजी जिंदगी में बहुत काम आती है।
भावनाओं पर काबू पाना:
जब बच्चा उदास या गुस्से में होता है तो परिवार के लोग ही उसे संभालते हैं। घर का माहौल बच्चों को यह सिखाता है कि अपनी खुशियों को कैसे बांटना है और मुश्किल समय में अपने दुखों पर कैसे काबू पाना है।
दूसरों का सम्मान करना:
घर के बड़े बुजुर्गों से बात करने का तरीका और उनका आदर करना बच्चे अपने माता-पिता को देखकर ही सीखते हैं। दूसरों की बात को ध्यान से सुनना और सबको बराबर इज्जत देना यह संस्कार उन्हें घर से ही मिलता है।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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