
अब छत उगलेगी ठंडक AC को फेल करेंगे ये 5 मॉडर्न और देसी जुगाड़, बिजली बिल होगा आधा
जून की इस रिकॉर्ड तोड़ती गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। कंक्रीट के मकान अब भट्टी की तरह तपने लगे हैं। ऐसे में चौबीसों घंटे एयर कंडीशनर चलाना न तो जेब के लिए मुमकिन है और न ही सेहत के लिए अच्छा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप अपने घर की छत को सिर्फ 5°c से 10°c तक ठंडा कर लें तो आपके कमरों का तापमान अपने आप काफी गिर जाता है।
नेशनल हेल्थ मिशन और ग्लोबल रिसर्च संस्थाओं ने कुछ ऐसे ही बेहद दिलचस्प बजट-फ्रेंडली और नए जमाने के स्मार्ट तरीके साझा किए हैं जो आपके घर को बिना AC के भी शिमला बना देंगे।
कूल रूफ पेंट का रिफ्लेक्शन फॉर्मूलाः
वैज्ञानिकों का कहना है कि पारंपरिक काली या सीमेंटेड छतें सूरज की लगभग 80% गर्मी को सोख लेती हैं। इसका सबसे आसान और आधुनिक इलाज है रिफ्लेक्टिव रूफ कोटिंग या वाइट कूल पेंट। छत पर इस खास सफेद पेंट की कोटिंग करने से यह सूरज की किरणों को सोखने के बजाय वापस ब्रह्मांड में रिफ्लेक्ट कर देती है। इंटरनेशनल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक इससे AC की बिजली खपत में 11% से 27% तक की बड़ी बचत होती है।
हॉलो कंक्रीट टाइल्स गर्मी के आगे एयर-लॉक दीवारः
मकान बनाते समय या रेनोवेशन के दौरान हॉलो कंक्रीट खोखली ईंटें या टेराकोटा टाइल्स का इस्तेमाल एक परमानेंट थर्मामीटर की तरह काम करता है। इन टाइल्स के बीच में खाली हवा की जगह होती है जो थर्मल बैरियर बन जाती है । यह हवा छत की गर्मी को नीचे के कमरों तक ट्रांसफर होने ही नहीं देती जिससे नीचे का कमरा हमेशा सुहावना बना रहता।
ग्रीन नेट शेडिंग और रूफटॉप फार्मिंग का तड़काः
अगर आप अपनी छत पर सीधे पड़ने वाली धूप को रोकना चाहते हैं तो ग्रीन नेट नर्सरी वाला हरा पर्दा सबसे सस्ता और हिट उपाय है । आजकल लोग इसके साथ एक नया ट्रेंड जोड़ रहे हैं रूफ गार्डनिंग। छत पर हरी-भरी घास की परत लॉन या गमलों में घने पौधे लगाने से एक नेचुरल इंसुलेशन तैयार होता है. पौधे धूप को खुद सोख लेते हैं और वाष्पीकरण के जरिए छत को एकदम ठंडा रखते हैं।
बांस और फूस का विंटेज रिसॉर्ट लुकः
अगर आप अपने घर को एक अट्रैक्टिव और इको-फ्रेंडली लुक देना चाहते हैं तो छत पर बांस फूस या खजूर के पत्तों की एक सेकेंडरी रूफ छप्पर तैयार करवा सकते हैं। यह आपके कंक्रीट के लेंटर को सीधी धूप से पूरी तरह बचा लेता है। दिखने में यह किसी आलीशान विंटेज रिसॉर्ट जैसा लगता है और घर के अंदर का तापमान करीब 5 से 8 डिग्री तक कम कर देता है।
मिट्टी के घड़ों का इन्वर्टर कुल्हड़ फॉर्मूलाः
यह भारत का सबसे पुराना और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित देसी जुगाड़ है. ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में छत पर खाली मिट्टी के घड़ों या कुल्हड़ों को उल्टा करके एक के बाद एक सटाकर बिछा दिया जाता है। मिट्टी के इन बर्तनों के बीच फंसी हवा और मिट्टी की प्राकृतिक शीतलता मिलकर कमाल का कूलिंग इफेक्ट पैदा करती है। यह शहरों के अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट यानी कंक्रीट के जंगलों की गर्मी को काटने का सबसे अचूक और सस्ता नुस्खा है।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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