
MBBS पूरा करने के लिए अब मिलेगा 10 साल का समय, NMC ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
नेशनल मेडिकल कमीशन ने देश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। एनएमसी की ओर से जारी नए ड्राफ्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन 2026 के तहत अब मेडिकल स्टूडेंट्स को अपनी डिग्री और अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करने के लिए अधिकतम 10 साल का समय दिया जाएगा।
इससे पहले साल 2023 के नियमों में इस अवधि को घटाकर 9 साल कर दिया गया था जिसे अब छात्र हित में दोबारा बढ़ा दिया गया है। एनएमसी ने इस प्रस्ताव पर 27 जून 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
इस नए नियम से जुड़े मुख्य बदलाव और शर्तें इस प्रकार हैं।
मेडिकल छात्रों को अब साढ़े चार साल की मुख्य पढ़ाई और एक साल की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप को मिलाकर कुल 10 वर्ष का समय मिलेगा।
इस फैसले से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी पढ़ाई गंभीर बीमारी पारिवारिक संकट या किसी अन्य अप्रत्याशित हादसे के कारण बीच में प्रभावित हो जाती थी।
कुल अवधि में एक साल की छूट मिलने के बावजूद एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की परीक्षा को लेकर बनाए गए सख्त नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मेडिकल कॉलेज में दाखिला हमेशा के लिए रद्द होने से बचाने के लिए छात्रों को हर हाल में अधिकतम चार प्रयासों के भीतर फर्स्ट ईयर की परीक्षा पास करनी होगी।
इस कोर्स को पूरा करने की 10 साल की समय सीमा छात्र के कॉलेज में एडमिशन लेने की तारीख से नहीं बल्कि फर्स्ट एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने के दिन से गिनी जाएगी।
नए नियम के लागू होने से उन प्रवृत्तियों पर भी रोक लगेगी जहां छात्र पोस्ट ग्रेजुएशन परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप को जानबूझकर लंबा खींचते थे।
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