
डीटीयू में नए और अनोखे कोर्स शुरू अब सेना के हथियार भी होंगे हाईटेक
दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी यानी डीटीयू इस साल छात्रों के लिए कई बेहतरीन और नए अवसर लेकर आया है। यूनिवर्सिटी ने कई ऐसे मॉडर्न कोर्स लॉन्च किए हैं जो छात्रों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि डीटीयू ने भारतीय सेना के साथ एक खास समझौता किया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक और छात्र अपनी रिसर्च से सेना के पुराने पड़ चुके हथियारों को आधुनिक सेंसर की मदद से हाईटेक बनाएंगे।इस नए सत्र से यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस में एआई मैकेनिकल व ऑटोमेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी में नए बीटेक कोर्स शुरू हो रहे हैं। इन सभी कोर्स में साठ-साठ सीटें रखी गई हैं और इनमें दाखिला जेईई मेंस के स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। इसके अलावा फिजिक्स डिपार्टमेंट में क्वांटम टेक्नोलॉजी की एक आधुनिक लैब भी बनाई जा रही है जिसके लिए सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये का फंड मिला है।इन कोर्स में सीयूईटी से मिलेगा सीधा दाखिलाअगर आप इंजीनियरिंग नहीं बल्कि दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहते हैं तो भी डीटीयू में आपके लिए बेहतरीन मौके हैं। यूनिवर्सिटी ने डेटा साइंस और अप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में नए इंटीग्रेटेड बीएससी एमएससी कोर्स शुरू किए हैं। इसके साथ ही बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स और बीबीए जैसे कोर्स भी मौजूद हैं। इन सभी कोर्स में एडमिशन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली सीयूईटी परीक्षा के नंबरों के आधार पर होगा। ये सभी कोर्स नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किए गए हैं जिसमें छात्रों को अपनी जरूरत के हिसाब से पढ़ाई बीच में छोड़ने या दोबारा शुरू करने की आजादी मिलती है।कुछ और खास और अनोखे बदलावअमेरिका में पढ़ाई का मौका: यूनिवर्सिटी ने अमेरिका की ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक खास बीटेक एमएस प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें छात्र पांच साल में अपनी दोनों डिग्री पूरी कर सकेंगे।कमाई के साथ पढ़ाई: नौकरी करने वाले लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विषयों में तीन नए ऑनलाइन कोर्स शुरू किए गए हैं।
स्कूली बच्चों के लिए क्रेडिट: कक्षा नौवीं के छात्रों के लिए छह हफ्ते का एक छोटा प्रोग्राम शुरू किया गया है जिससे बच्चों को स्कूल की पढ़ाई में अतिरिक्त क्रेडिट मिलेंगे।
ग्रामीण विकास पर जोर: यूनिवर्सिटी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अपने सभी बीटेक कोर्स में ग्रामीण टेक्नोलॉजी को जोड़ा जाए ताकि गांव की समस्याओं के लिए सस्ते और अच्छे समाधान खोजे जा सकें।
बेटियों के लिए विशेष कोटा: कुछ चुनिंदा यूजी और पीजी कोर्स में एकलौती बेटी यानी सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए विशेष कोटा भी तय किया गया है।हेमलता शर्मा जयपुर
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