सिर्फ नुस्खा नहीं, आंखों के लिए पोषण है यह प्राचीन तरीका, आंखों और पेट दोनों का रखेगा ख्याल

सिर्फ नुस्खा नहीं, आंखों के लिए पोषण है यह प्राचीन तरीका, आंखों और पेट दोनों का रखेगा ख्याल

नई दिल्ली। मोबाइल की लत और पोषण की कमी का सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। इससे आंखों का कमजोर होना, काम में मन न लगना, सिर भारी होना, डार्क सर्कल होना और हमेशा थका हुआ महसूस होना आम लक्षण हैं, लेकिन समय के साथ यही लक्षण गंभीर हो जाते हैं और कई बीमारियां शरीर को परेशान करने लगती हैं, लेकिन दादी-नानी के जमाने का एक नुस्खा आंखों की परेशानी से आराम दिलाने में मदद कर सकता है। 

आंखों के घटते नंबर को रोकने के लिए डॉक्टर लगातार चश्मा पहनने के लिए कहते हैं, लेकिन दादी-नानी के जमाने का एक नुस्खा आंखों के साथ-साथ स्मरण शक्ति को भी मजबूत करने में मदद करता है। इसमें शामिल हैं बादाम, मिश्री, और सौंफ। 

गर्मी से लेकर सर्दियों में यह नुस्खा पेट से लेकर आंखों को ठंडक देता है। इसके लिए बादाम को धो कर पोंछ लें और फिर नमी को हटाने के लिए तवे पर हल्का भून लें। इससे बादाम के अंदर की नमी कम हो जाएगी। सौंफ को भी हल्का नमी खत्म होने तक भून लें, जिसके बाद आसान मात्रा में बादाम, मिश्री और सौंफ को मिलाकर पीस लें। इसे कांच के जार में भरकर रख लें और रात को सोते समय गुनगुने दूध के साथ लें। 

बादाम मस्तिष्क और आंखों को ताकत देगा, जबकि सौंफ आंखों की रोशनी बढ़ाने और पेट को ठंडक देने में मदद करती है, जबकि मिश्री भी तासीर में ठंडी होती है और कम मीठी होती है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि मधुमेह से पीड़ित मरीजों को चिकित्सक की सलाह पर भी इस मिश्रण का सेवन करना चाहिए, क्योंकि मिश्री शुगर को बढ़ा सकती है। 

जिन लोगों को दूध से परेशानी है या पचने में दिक्कत करता है, वे लोग गुनगुने पानी के साथ मिश्रण को ले सकते हैं। जिन लोगों की आंखों का नंबर तेजी से गिर रहा है, या आंख में पानी आता है, वो मिश्रण के सेवन के साथ डॉक्टर को भी दिखाएं, क्योंकि यह मिश्रण पोषण देता है, इलाज नहीं करता है।

#काली मिर्च से आकस्मि धन प्राप्ति के उपाय



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0