
गणित बना भविष्य की करेंसी इंजीनियरिंग के बजाय अब डेटा एनालिटिक्स और एप्लाइड मैथ्स की ओर मुड़े छात्र
दशकों से भारतीय शिक्षा व्यवस्था में गणित Maths को केवल एक कठिन विषय या इंजीनियरिंग की सीढ़ी माना जाता था। लेकिन 2026 के शैक्षणिक सत्र के रुझानों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आज का युवा पारंपरिक कोर्सेज के बजाय एप्लाइड मैथमेटिक्स Applied Mathematics और डेटा एनालिटिक्स Data Analytics को करियर के रूप में पहली पसंद बना रहा है।
क्यों बदला छात्रों का नजरियाविशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण डेटा का बढ़ता महत्व है। आज दुनिया की हर बड़ी कंपनी चाहे वह गूगल हो अमेज़न हो या टाटा अपने फैसले आंकड़ों Data के आधार पर ले रही है। एप्लाइड मैथ्स वह विषय है जो इन आंकड़ों को समझने और उनसे भविष्य का अनुमान लगाने की शक्ति देता है। छात्र अब समझ चुके हैं कि सिर्फ कोडिंग काफी नहीं है असली दिमाग तो उस एल्गोरिदम के पीछे है जो गणित से बनता है।
करियर की असीमित संभावनाएं और भारी-भरकम पैकेजइस क्षेत्र में छात्रों के बढ़ते आकर्षण की एक मुख्य वजह आर्थिक स्थिरता भी है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार:
शुरुआती पैकेज: इस क्षेत्र में फ्रेशर्स को ₹6 लाख से ₹10 लाख सालाना का औसत पैकेज मिल रहा है।
अनुभवी पेशेवर: 3-5 साल के अनुभव के बाद यह आंकड़ा ₹25 लाख तक पहुँच जाता है। पदों की भरमार: केवल भारत में ही 2026 के अंत तक डेटा साइंस और एनालिटिक्स में लगभग 11 लाख नई नौकरियों की संभावना जताई गई है।
क्या है एप्लाइड मैथ्स और डेटा एनालिटिक्स का मेलएप्लाइड मैथ्स केवल किताबी फॉर्मूलों तक सीमित नहीं है। इसमें प्रोबेबिलिटी Probability स्टैटिस्टिक्स Statistics और लीनियर अलजेब्रा Linear Algebraका उपयोग वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के लिए किया जाता है। डेटा एनालिटिक्स इसी गणितीय ज्ञान का इस्तेमाल करके कच्चे डेटा Raw Data को उपयोगी जानकारी में बदलता है।
अब गणित सिर्फ ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं है। यह स्टॉक मार्केट की भविष्यवाणी करने नई दवाओं की खोज करने और यहां तक कि क्रिकेट मैच की रणनीति बनाने में भी इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि छात्र अब इसे कूल करियर मान रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञ
किन क्षेत्रों में है सबसे ज्यादा मांग
बैंकिंग और फाइनेंस: धोखाधड़ी Fraud रोकने और निवेश की सलाह देने के लिए।
ई-कॉमर्स: यह पहचानने के लिए कि ग्राहक भविष्य में क्या खरीदना चाहेगा।
हेल्थकेयर: बीमारियों के पैटर्न को समझने और इलाज को बेहतर बनाने के लिए।
स्पोर्ट्स एनालिटिक्स: खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर जीत की रणनीति बनाने के लिए।
छात्रों के लिए कैसे करें शुरुआत
यदि कोई छात्र इस क्षेत्र में जाना चाहता है तो उसे 11वीं-12वीं स्तर पर गणित और सांख्यिकी पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। इसके बाद वे B.Sc. in Applied Maths या Data Analytics में डिग्री ले सकते हैं। पाइथन और SQL जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का ज्ञान इस करियर में सोने पर सुहागा जैसा काम करता है।
2026 का यह दौर नंबर क्रंचर्स का है। जो छात्र गणित को अपना दोस्त बनाएंगे भविष्य की चाबी उन्हीं के पास होगी।
हेमलता शर्मा जयपुर
#उफ्फ्फ! दीपिका का इतने हसीन जलवे कवर पेज पर...






