Love & Romance: छोटी तकरार बड़ा प्यार – कैसे बचाएं अपना रिश्ता

Love & Romance: छोटी तकरार बड़ा प्यार – कैसे बचाएं अपना रिश्ता

रिश्तों की डोर बहुत नाजुक होती है और अक्सर यह बड़ी वजहों से नहीं बल्कि छोटी-छोटी बातों की वजह से कमजोर पड़ने लगती है। अक्सर देखा गया है कि घर की छोटी तकरार धीरे-धीरे तनाव का रूप ले लेती है। अगर आप भी ऐसी स्थिति से गुजर रहे हैं तो कुछ आसान बदलावों से आप अपने रिश्ते में फिर से वही पहले जैसी मिठास ला सकते हैं। 

रिश्ते को संभालने के आसान तरीके:

​सबसे पहले यह ध्यान रखें कि बहस के वक्त तुरंत जवाब देना जरूरी नहीं है। जब गुस्सा सातवें आसमान पर हो तब इंसान अक्सर ऐसी बातें बोल जाता है जिसका उसे बाद में पछतावा होता है। ऐसे में समझदारी इसी में है कि आप उस वक्त अपनी प्रतिक्रिया न दें। कुछ समय बीत जाने के बाद जब दिमाग शांत होता है तब उसी बात को सुलझाना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है।

लड़ाई के दौरान पिछले  सालों की बातें बीच में ना लाएंः 
​एक बड़ी समस्या यह होती है कि लोग लड़ाई के दौरान पिछले कई सालों की बातें बीच में ले आते हैं। जो बात बीत चुकी है उसे बार-बार याद दिलाने से कड़वाहट बढ़ती है। कोशिश करें कि वर्तमान समस्या पर ही टिके रहें और पुरानी बातों की खुदाई न करें। समाधान निकालने पर ध्यान दें न कि एक-दूसरे को नीचा दिखाने पर। ​

बोलचाल के तरीके पर ध्यान देना जरुरी हैः

बोलचाल का तरीका भी बहुत कुछ तय करता है। कई बार हम अनजाने में सामने वाले पर इल्जाम लगाने लगते हैं जिससे पार्टनर को बुरा महसूस होता है। इसकी जगह अपनी बात को इस तरह कहें कि उन्हें दुख न पहुंचे। सीधे तौर पर गलती निकालने से बेहतर है कि आप उन्हें यह समझाएं कि उनकी किसी बात या व्यवहार से आपको कैसा महसूस हुआ। ​

जिद पर ना अड़ें, पार्टनर की खुशी और संतुष्टि देखेंः
अक्सर लोग अपनी जिद के आगे रिश्ते की अहमियत भूल जाते हैं। हमें यह समझना होगा कि किसी बहस को जीत लेना सुकून नहीं देता बल्कि साथ मिलकर उस मुश्किल का हल निकालना खुशी देता है। अगर आपकी छोटी सी पहल या एक सॉरी बोलने से बात खत्म हो सकती है तो इसमें पीछे न हटें। झुकना कमजोरी नहीं बल्कि रिश्ते के प्रति आपका समर्पण दिखाता है। ​

छोटी-छोटी खुशियों को सेलिब्रेट जरूर करेंः

अंत में सबसे जरूरी है एक-दूसरे को समय देना और छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करना। दिन भर की भागदौड़ के बाद कुछ पल सुकून के साथ बिताएं और पुरानी अच्छी यादों को साझा करें। जब प्यार और आपसी समझ बढ़ती है तो छोटी-मोटी बातें अपने आप नजरअंदाज होने लगती हैं। याद रखें कि कोई भी रिश्ता अपने आप नहीं चलता उसे दोनों तरफ से प्यार और सब्र के साथ सींचना पड़ता है। 

- हेमलता शर्मा, जयपुर

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