
सुस्ती का आलम तुम्हें क्या बताएं
काम करते-करते कई बार बेवजह सुस्ती का आलम छा जाता है। काम तो मन ही नहीं लगता और तो और यह सुस्ती लम्बे समय तक छाई रहती है। ऎसे में चुस्त रहना चाहें तो कुछ ऎसा करें।
सबसे पहले तो भूखे बिल्कुल ना रहें
जब भी आपको भूख लगे जरूरी नहीं मैदे से बनी चीजें, बिस्कुट, नमकीन या तला भुना ही खाया जाए। बिना चीनी व विबना कॉलेस्ट्रोल के पदार्थो का सेवन भी करना चाहिए। जैसे अंकुरित मूंग, मैथी, मोठ, सोया, मूंगफली, लौकी, खीरा, पेठा, कच्चा नारियल, मटर, चना, पत्ता गोभी। इन्हें कच्चा या पका कर लें।
सुबह-सुबह की ताजी हवा का सेवन
जब भी आपको लगे सुस्ती सताने लगी है तो 5-10 मिनट ताजी हवा में चले जाएं। शुद्ध हवा ताजगी प्रदान करके आपको चुस्त बना देगी।
चीनी का प्रयोग कम करें
सफेद चीनी नशा पैदा करती है यह कुछ समय तक तो अच्छी लगती है, उसके बाद दिमाग में यह सुस्ती पैदा करती है और पाचन को बिगाड देती है।
भोजन कम करें
जो भी खाना खा रहे हैं उस भोजन को आधा करे दें। जैसे तीन बार खाते हैं तो दो बार यह एक बार कर दें। चार या पांच चपाती ले रहे हैं तो दो या तीन चपाती कर दें। बाकी भोजन की पूर्ति सलाद, दही, छाछ आदि से करें। ज्यादा भोजन सुस्ती पैदा कर देता है।
नहाने में ठंडे पानी का प्रयोग करें
जब भी आपको सुस्ती सताए और आपको लगे कि बैठे-बैठे ही थक रहे हों तो खूब रगड-रगड कर ठंडे पानी से स्त्रान करें।






