
आपकी योग्यता नहीं बल्कि आपका नजरिया तय करता है करियर की सफलता जानें जॉब सर्च के नए नियम
आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दौर में कई बार डिग्री अच्छी स्किल्स और बेहतरीन अनुभव होने के बाद भी युवाओं को मनचाही नौकरी पाने में लंबा संघर्ष करना पड़ता है। अक्सर उम्मीदवार इसके लिए बाजार की मंदी या अपनी किस्मत को दोष देने लगते हैं लेकिन असल कमी उनकी काबिलियत में नहीं बल्कि उनके सोचने के तरीके यानी माइंडसेट में होती है। डिजिटल युग में जॉब सर्च के पारंपरिक तरीके बदल चुके हैं इसलिए करियर में बड़ी छलांग लगाने के लिए अपनी सोच और रणनीति में कुछ बेहद जरूरी बदलाव करना अनिवार्य हो गया है।
सोचने के नजरिए में बदलाव है पहली सीढ़ी
अक्सर शैक्षणिक योग्यता और बेहतरीन स्किल्स होने के बावजूद मनचाही नौकरी नहीं मिल पाती। इसका एक बड़ा कारण यह है कि उम्मीदवार अपनी कमियों पर इतना ज्यादा ध्यान केंद्रित कर देते हैं कि वे अपनी मौजूदा योग्यताओं और ताकतों को पहचानना ही भूल जाते हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता का पहला आधार है।
असफलता को केवल एक फीडबैक मानें
इंटरव्यू में रिजेक्शन मिलने पर उसे व्यक्तिगत हार या निराशा के रूप में देखने के बजाय एक मार्गदर्शक फीडबैक की तरह स्वीकार करना चाहिए। हर असफल इंटरव्यू आपको यह सिखाता है कि किस क्षेत्र में सुधार की गुंजाइश है जिससे आप अगली बार अधिक तैयारी के साथ सामने आ सकें।
नौकरी मांगने की जगह समस्या का समाधान पेश करें
रिक्रूटर्स के सामने खुद को एक नौकरी चाहने वाले उम्मीदवार के रूप में पेश करने के बजाय एक प्रॉब्लम सॉल्वर की तरह स्थापित करें। कंपनी को यह साफ दिखना चाहिए कि आपकी जॉइनिंग से उनके काम में क्या वैल्यू एडिशन होगा और आप उनकी व्यावसायिक चुनौतियों को कैसे कम कर सकते हैं।
नेटवर्किंग को स्वार्थ नहीं बल्कि संबंध बनाने का जरिया समझें
केवल जरूरत के समय लोगों से संपर्क करना नेटवर्किंग नहीं कहलाता। इसके विपरीत आपको अपने प्रोफेशनल क्षेत्र के लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए उनके काम की सराहना करनी चाहिए और एक मजबूत तथा विश्वसनीय व्यावसायिक रिश्ता विकसित करना चाहिए।
लगातार प्रयास और धैर्य बनाए रखना आवश्यक है
जॉब सर्च की प्रक्रिया में निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण चाबी है। शुरुआती कुछ प्रयासों में सफलता न मिलने पर अपनी कोशिशों को धीमा न पड़ने दें बल्कि रोज एक निश्चित समय अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने और नई नियुक्तियों की जानकारी जुटाने में लगाएं।
डिजिटल उपस्थिति और खुद की ब्रांडिंग पर दें विशेष ध्यान
आज के आधुनिक कॉर्पोरेट युग में सिर्फ एक अच्छा बायोडाटा होना ही काफी नहीं है। आपको लिंक्डइन जैसे प्रोफेशनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहना चाहिए अपने क्षेत्र से जुड़ा ज्ञान साझा करना चाहिए और अपनी ऑनलाइन प्रोफाइल को हमेशा अपडेट रखना चाहिए ताकि नियोक्ताओं की नजर आप पर आसानी से पड़ सके।
कम्युनिकेशन और सॉफ्ट स्किल्स को लगातार निखारें
तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ आपकी बात करने की शैली आत्मविश्वास और टीम के साथ काम करने की क्षमता बेहद मायने रखती है। कई बार बेहतरीन टेक्निकल नॉलेज रखने वाले उम्मीदवार भी खराब संवाद शैली के कारण पीछे छूट जाते हैं इसलिए अपनी सॉफ्ट स्किल्स पर रोज काम करें।
हेमलता शर्मा जयपुर
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