
मूलांक 1 और 3 के रिश्तों का खुला दिलचस्प राज दोस्ती के पीछे चलती है एक गुप्त जंग
अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 और मूलांक 3 के लोगों के बीच की केमिस्ट्री जितनी शानदार दिखाई देती है पर्दे के पीछे की कहानी उतनी ही हैरान करने वाली होती है। आत्म-विश्वास और बड़ी महत्वाकांक्षा के मामले में ये दोनों मूलांक एक-दूसरे के बेहद करीब आते हैं। लेकिन जब बात नेतृत्व करने या बॉस बनने की आती है तो इनके बीच एक गुप्त मुकाबला शुरू हो जाता है।
सूर्य और बृहस्पति का अनोखा मिलन
मूलांक 1 के स्वामी सूर्य हैं जो स्वभाव से राजा और अनुशासित होते हैं। वहीं मूलांक 3 के स्वामी ज्ञान के देवता बृहस्पति हैं जो रचनात्मकता और बेहतरीन संवाद कला के धनी होते हैं। जब ये दोनों साथ मिलकर काम करते हैं तो सफलता के नए रिकॉर्ड बनते हैं। बिजनेस हो या निजी जीवन इनकी जोड़ी कमाल का तालमेल दिखाती है।
पीठ पीछे चुगली की वजह: लीडरशिप और काम का तरीका
सामने से तो दोनों एक-दूसरे की तारीफ करते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर इनके बीच प्रतिस्पर्धा चलती रहती है। अंक ज्योतिष के विशेषज्ञों ने इनके बीच की तीन सबसे दिलचस्प बातें बताई हैं, जिनकी वजह से ये पीठ पीछे एक-दूसरे की शिकायत करते हैं:
मूलांक 1 अपनी बात मनवाने के शौकीन होते हैं, जबकि मूलांक 3 अपने मन के मालिक होते हैं। जब दोनों अपनी-अपनी राय पर अड़ जाते हैं, तो किसी तीसरे व्यक्ति के सामने एक-दूसरे की बुराई करने लगते हैं।
मूलांक 1 के लोग तय नियमों और सटीक परिणामों पर चलते हैं जबकि मूलांक 3 को नए-नए प्रयोग करना पसंद है। कार्यशैली का यही अंतर इनके बीच मतभेद पैदा करता है और यह शिकायत का जरिया बन जाता है।
दोनों ही बुद्धिमान और उच्च पदों पर रहने वाले होते हैं। इस वजह से इनके बीच अनकहा अहंकार आ जाता है, जो इन्हें एक-दूसरे की चुगली करने के लिए उकसाता है।
दोस्ती को मजबूत बनाए रखने का फॉर्मूला
ज्योतिषियों के अनुसार अगर मूलांक 1 और 3 के लोग अपने अहंकार को काबू में रखें तो इनसे बेहतर जोड़ी कोई नहीं हो सकती है। इन्हें किसी तीसरे व्यक्ति से शिकायत करने के बजाय आपस में खुलकर बात करनी चाहिए। एक-दूसरे की उपलब्धियों की पीठ पीछे चुगली करने के बजाय अगर ये सामने खुलकर तारीफ करना शुरू कर दें तो इनकी दोस्ती अटूट बन सकती है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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