
बच्चों में सच बोलने की आदत कैसे डालें जानिए पेरेंटिंग के खास तरीके
अक्सर माता-पिता बच्चों के बात-बात पर झूठ बोलने की आदत से परेशान हो जाते हैं। बाल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार कोई भी बच्चा जन्म से झूठा नहीं होता। ज़्यादातर बच्चे डांट गुस्से या सजा के डर से सच्चाई छिपाने लगते हैं। अगर सही समय पर इस बात को समझदारी से न संभाला जाए तो यह झूठ बोलने की आदत उनके व्यवहार का पक्का हिस्सा बन जाती है। बच्चों को सच बोलने के लिए प्रेरित करने और इस समस्या को सुलझाने के लिए यहाँ कुछ ज़रूरी स्टेप्स दिए गए हैं:
डर का माहौल खत्म करें
बच्चे अक्सर तभी झूठ बोलते हैं जब उन्हें सच बताने पर डांट पड़ने का डर होता है।घर में ऐसा माहौल बनाएं जहाँ बच्चा बिना किसी झिझक या डर के अपनी गलती स्वीकार कर सके।
हर छोटी बात पर न टोकें
बच्चों को हर छोटी गलती पर डांटना या टोकना बंद करें।अगर आप हर बात पर सख्त रुख अपनाएंगे तो बच्चा आपसे बातें छिपाना और झूठ का सहारा लेना शुरू कर देगा।
सच बोलने पर तारीफ करें
जब भी बच्चा हिम्मत करके आपसे सच बोले तो गुस्सा करने के बजाय उसकी ईमानदारी की सराहना करें तारीफ मिलने से बच्चे को यह समझ आएगा कि सच बोलने का परिणाम अच्छा होता है और वह आगे झूठ बोलने से बचेगा।
प्यार से बातचीत का रास्ता खोलें
अपने बच्चों से दोस्ताना और प्यार से बात करें ताकि वे अपनी हर समस्या और तकलीफ आपके साथ साझा कर सकें। जब संवाद खुला रहेगा तो बच्चे को कभी अपनी बातें छिपाने की ज़रूरत महसूस नहीं होगी।
डांट-फटकार कम करके और प्यार व समझदारी से बात करके आप बच्चे के मन से डर निकाल सकते हैं और उसमें हमेशा सच बोलने की अच्छी आदत डाल सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
#पुरुषों की इन 5 खूबियों पर मर-मिटती हैं महिलाएं






