Home Remedies : थके हुए पैरों को दें कुदरती आराम, घर पर आज़माएं ये असरदार फुट बाथ

Home Remedies : थके हुए पैरों को दें कुदरती आराम, घर पर आज़माएं ये असरदार फुट बाथ

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हम अक्सर अपने चेहरे और बालों की देखभाल तो कर लेते हैं लेकिन शरीर का पूरा भार उठाने वाले पैरों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। आयुर्वेद और नेचुरोपैथी विशेषज्ञों के अनुसार हमारे तलवों में नसों का एक जटिल जाल होता है जो शरीर के विभिन्न अंगों से जुड़ा है। 
पैरों की सही देखभाल न केवल थकान मिटाती है बल्कि पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार भी करती है। सप्ताह में केवल 2 से 3 बार फुट बाथ लेने से आप मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं। आइए जानते हैं विभिन्न जरूरतों के लिए कुछ प्राकृतिक फुट बाथ रेसिपीज। 

थकान मिटाने के लिए (रिलैक्सेशन बाथ)ः 
दिनभर की थकान के बाद यह फुट बाथ जादू की तरह काम करता है। 
विधि: 
एक टब गुनगुने पानी में दो बड़े चम्मच ग्रीन टी 5 मिनट के लिए छोड़ दें। इसमें आधा कप इप्सम साल्ट, एक चौथाई कप बेकिंग सोडा और 5 बूंदें पेपरमिंट ऑयल मिलाएं। 
समय: 
पैरों को 15-20 मिनट तक डुबोकर रखें। 

ब्लड सर्कुलेशन सुधारने के लिएः 
अगर आपको पैरों में भारीपन या सूजन महसूस होती है तो यह विकल्प बेहतरीन है। 

विधि: 
गुनगुने पानी में आधा कप समुद्री नमक एक चौथाई कप बेकिंग सोडा 5 बूंदें पेपरमिंट ऑयल और थोड़ी सी कद्दूकस की हुई अदरक मिलाएं। 
समय: 15 मिनट तक पैरों को भिगोएँ। अदरक और नमक का मिश्रण रक्त प्रवाह को तेज करने में मदद करता है। 

डीप क्लींजिंग और सफाई के लिएः 
पैरों की गंदगी और डेड स्किन हटाने के लिए यह सबसे कारगर तरीका है। 

विधि: 
गुनगुने पानी में 1 कप सेब का सिरका आधा कप समुद्री नमक 1 बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा और 5 बूंदें टी-ट्री ऑयल की मिलाएं। 

समय: 15-20 मिनट। 

टी-ट्री ऑयल एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है जो संक्रमण से भी बचाता है। 

फुट बाथ के मुख्य लाभः 

बेहतर ऑक्सीजन: रक्त संचार सुधरने से शरीर के हर अंग तक पोषक तत्व बेहतर तरीके से पहुँचते हैं। 

तनाव से मुक्ति: यह मानसिक थकान और अनिद्रा की समस्या में राहत दिलाता है। 

डिटॉक्स: त्वचा के माध्यम से शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक। 

सावधानी का रखेंः 
अगर पैरों में कोई खुला घाव या संक्रमण हो तो फुट बाथ न लें। पानी बहुत अधिक गर्म न हो गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें। मधुमेह के रोगी चिकित्सक की सलाह के बाद ही इसे अपनाएं। किसी भी तेल या सामग्री से एलर्जी होने पर उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें।

#पहने हों कछुआ अंगूठी तो नहीं होगी पैसों की तंगी...



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