
Health Tips : दूध और छुहारा शरीर की कमजोरी और थकान मिटाने वाला बेजोड़ आयुर्वेदिक नुस्खा
नई दिल्ली। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, असंतुलित खानपान और मानसिक तनाव के कारण शरीर जल्दी थकने लगता है। इम्युनिटी कमजोर होने से बीमारियाँ घेर लेती हैं और लोग अक्सर कमजोरी महसूस करते हैं। बाजार में मिलने वाले महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय आयुर्वेद एक बेहद प्रभावी और प्राकृतिक उपाय सुझाता है, जो है दूध और छुहारे का अद्भुत संगम। इसे आयुर्वेद में जीवन शक्ति बढ़ाने वाला और बलदायक आहार माना गया है।
ताकत और ऊर्जा का पावर हाउसः
छुहारा विटामिन, कैल्शियम और आयरन का भंडार है, जबकि दूध संपूर्ण आहार की श्रेणी में आता है। जब इन दोनों को मिलाकर उबालकर पिया जाता है, तो यह शरीर की सातों धातुओं (रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र) को गहरा पोषण देता है। यह मिश्रण न केवल शारीरिक थकान को दूर करता है, बल्कि शरीर में नई ऊर्जा का संचार भी करता है।
वजन बढ़ाने और स्टैमिना में मददगारः
जो लोग दुबलेपन से परेशान हैं और स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए यह ड्रिंक रामबाण है। पुरुषों में यह शारीरिक क्षमता और स्टैमिना बढ़ाने में सहायक है, वहीं महिलाओं के लिए यह खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने का एक बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है।
सर्दियों के लिए वरदानः
सर्दियों के मौसम में दूध-छुहारा शरीर को अंदरूनी गर्माहट देता है। यह जोड़ों के दर्द और जकड़न को कम करने के साथ-साथ पुरानी खांसी और जुकाम से भी राहत दिलाता है। इसके नियमित सेवन से त्वचा का रूखापन खत्म होता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। साथ ही, रात को इसे पीने से तनाव कम होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
सेवन का सही तरीकाः
इसे तैयार करना बहुत सरल है। 3-4 सूखे छुहारों के बीज निकालकर उन्हें एक गिलास दूध में डालें। इसे धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक दूध गाढ़ा न हो जाए और छुहारे पूरी तरह नरम न पड़ जाएं। रात को सोने से पहले गुनगुना दूध पिएं और उबले हुए छुहारों को चबाकर खाएं। ध्यान रहे, मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों को इसका सेवन विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
#ये बातें भूल कर भी न बताएं गर्लफ्रेंड को...






