प्राकृतिक वस्तुओं से अपने रूप को निखारें

प्राकृतिक वस्तुओं से अपने रूप को निखारें

कुछ ऎसी प्राकृतिक चीजों को नित मात्रा में मिलाकर जो लेप तैयार किया जाता है उसे उबटन कहा जाता है। हमारे भारतीय शास्त्रों में उबटन का विशेष महटङव रहा है। प्राचीन भारतीय महिलाएं अपना रूप निखारने के लिए विभिन्न प्रकार की जडी-बूटियों का उबटन के रूप में इस्तेमाल किया करती थीं। इस उबटन से चेहरे का रंग निखारा जाता था। इसके अलावा वे उबटन का प्रयोग त्वचा के बाल नष्ट करने लिए भी करती थीं। आज भी विवाह पूर्व दुल्हन के शरीर की सौन्दर्य-वृद्धि के लिए हल्ही के उबटन का उपयोग किया जाता है। सभी पदार्थो में विशेष गुण होता है जैसे शहद स्वाभाविक स्त्रग्धता बढाता है बल्कि उसकी कमी को रोकने में भी सहायक होता है। शहद और खुबानी दोनों का प्रभाव त्वचा पर बहुत अच्छा पडता है और यह मिश्रण चेहरे को कांतिमय स्त्रगधता प्रदान करता है। इसी तरह माडी, गेहंू के आटे की भूसी और मलाई का उबटन प्राचीनकाल से चला आ रहा है। मलाई त्वचा को कसती है और आटे की भूसी त्वचा से मृत त्वचा का अलग करती है।


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