
Gardening : घर के गमले में उगाएं अपनी चाय, चाय प्रेमियों के लिए 6 जादुई गार्डनिंग टिप्स
भारत में चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि एक इमोशन है। सुबह की पहली किरण हो या बारिश की फुहार बिना चाय के सब अधूरा लगता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चाय की चुस्की आप ले रहे हैं उसकी ताजी पत्तियां आप अपने ही घर के गार्डन या बालकनी से तोड़ सकते हैं? जी हां टी प्लांट यानी चाय का पौधा घर में उगाना अब बहुत आसान है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनसे आपका छोटा सा गार्डन एक मिनी टी स्टेट बन जाएगा।
चाय का पौधा कहां से लाएं और कैसे उगाएं:
सबसे पहला सवाल यही आता है कि पौधा आएगा कहां से चाय का पौधा जिसे कैमेलिया सिनेंसिस कहते हैं। आप तीन तरीकों से शुरू कर सकते हैं।
नर्सरी से पौधा खरीदें:
सबसे आसान तरीका है कि आप किसी अच्छी बड़ी नर्सरी से बना-बनाया पौधा ले आएं।
ऑनलाइन ऑर्डर:
आजकल कई ऑनलाइन गार्डनिंग वेबसाइट्स चाय के पौधे या उसके बीज उपलब्ध कराती हैं।
कलम से:
अगर आपके किसी परिचित के पास चाय का पौधा है तो आप उसकी 6-7 इंच लंबी टहनी काटकर भी उसे मिट्टी में लगा सकते हैं। बीज से उगाना थोड़ा मुश्किल और धीमा होता है इसलिए शुरुआती लोगों के लिए नर्सरी से पौधा लाना या कटिंग लगाना सबसे बेस्ट है।
सही शुरुआत और मिट्टी का चुनाव:
चाय का पौधा उगाने के लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी। इसे ऐसी मिट्टी पसंद है जो पानी को रोककर न रखे। गमला चुनते समय ध्यान रखें कि वह कम से कम 12 इंच गहरा हो। मिट्टी तैयार करते समय उसमें गार्डन की मिट्टी के साथ थोड़ा कोकोपीट और वर्मीकंपोस्ट जरूर मिलाएं। अगर मिट्टी थोड़ी रेतीली हो तो यह पौधे की जड़ों के लिए और भी अच्छा रहता है।
धूप और छांव का तालमेल:
टी प्लांट को न तो बहुत ज्यादा कड़क धूप पसंद है और न ही एकदम अंधेरा। इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 3 से 4 घंटे की हल्की धूप मिले और दोपहर की तेज धूप से यह बचा रहे। अगर आप इसे बालकनी में रख रहे हैं तो ऐसी जगह बेस्ट है जहां छनकर धूप आती हो। ज्यादा गर्मी से बचाने के लिए आप इसे बड़े पौधों के बीच में भी रख सकते हैं।
नमी का रखें खास ख्याल:
चाय के पौधे को नमी बहुत पसंद होती है लेकिन जड़ों में पानी जमा होना इसके लिए जहर के समान है। मिट्टी को हमेशा नम रखें लेकिन कीचड़ न होने दें। गर्मियों के मौसम में पौधे की पत्तियों पर स्प्रे बोतल से पानी का छिड़काव करें। इससे पौधा फ्रेश रहता है और उसकी चमक बनी रहती है।
नेचुरल खाद और एसिडिक मिट्टी:
चाय का पौधा एसिडिक मिट्टी में बहुत तेजी से बढ़ता है। इसके लिए आप एक कमाल का घरेलू नुस्खा अपना सकते हैं। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को अच्छे से धोकर और सुखाकर महीने में एक बार मिट्टी में डालें। यह न सिर्फ खाद का काम करेगी बल्कि मिट्टी के पीएच लेवल को भी सही रखेगी। इसके अलावा संतरे के छिलकों का पानी भी इस पौधे के लिए टॉनिक जैसा काम करता है।
कटिंग और हार्वेस्टिंग का सही तरीका:
पौधे को घना बनाने के लिए समय-समय पर इसकी ऊपर से प्रूनिंग यानी कटाई-छंटाई करते रहें। चाय बनाने के लिए हमेशा ऊपर की दो कोमल पत्तियां और एक कली ही तोड़ें। इसे गोल्डन रूल कहा जाता है। जितनी ज्यादा आप ऊपर से पत्तियों की पिंचिंग करेंगे पौधा उतना ही ज्यादा फैलना शुरू करेगा।
आप अपने टी प्लांट के साथ पुदीना लेमनग्रास या तुलसी भी लगा सकते हैं। इससे आपको घर बैठे ही ऑर्गेनिक हर्बल टी का पूरा खजाना मिल जाएगा। तो देर किस बात की आज ही एक छोटा सा टी प्लांट लाइए और अपनी चाय का स्वाद दोगुना कीजिए।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
#क्या देखा अपने उर्वशी रौतेला का गॉर्जियास अवतार






