
Gardening: क्या आप भी प्यार में मार रहे हैं अपने पौधों को ओवर वॉटरिंग के इन 6 खतरों को पहचानें
घर की बालकनी या गार्डन में हरी-भरी सब्जियां उगाना किसे पसंद नहीं होता। लेकिन कई बार पौधों की ज्यादा देखभाल करने के चक्कर में हम उन्हें जरूरत से ज्यादा पानी देने लगते हैं। अगर आपको लगता है कि रोज बाल्टी भरकर पानी देने से आपकी सब्जियां जल्दी बड़ी होंगी तो आप बिल्कुल गलत हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज़रूरत से ज़्यादा पानी देना यानी ओवरवॉटरिंग आपके हरे-भरे पौधों के लिए एक साइलेंट किलर साबित हो सकता है।
जब मिट्टी लगातार गीली रहती है तो पौधों की जड़ों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। नतीजा आपका मुस्कुराता हुआ पौधा धीरे-धीरे दम तोड़ने लगता है। अगर आप भी गार्डनिंग के शौकीन हैं तो अपने पौधों की सेहत पर नज़र रखें। आइए जानते हैं उन 6 बड़े संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आपके पौधों को पानी नहीं बल्कि अब सांस की ज़रूरत है।
कीचड़ जैसी चिपचिपी मिट्टीः
क्या पानी देने के 1 से 2 दिन बाद भी आपके गमले की मिट्टी सूख नहीं रही है अगर मिट्टी लगातार दलदल या कीचड़ जैसी भीगी हुई है तो समझ जाइए कि यह ओवरवॉटरिंग का सबसे पहला और साफ इशारा है।
पत्तियों का पीला पड़नाः
अगर आपके पौधों की पत्तियां खासकर नीचे की तरफ की पुरानी पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं, तो सतर्क हो जाएं। ज्यादा पानी के कारण जड़ें ठीक से काम नहीं कर पातीं और मिट्टी से जरूरी पोषक तत्व खींचना बंद कर देती हैं।
पानी होने के बावजूद पौधों का मुरझानाः
यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन सच है आमतौर पर हम सोचते हैं कि पौधा सूखने पर मुरझाता है। लेकिन अगर मिट्टी पूरी तरह गीली है और फिर भी पौधा बेजान होकर झुक गया है तो इसका मतलब है कि उसकी जड़ें अंदर से खराब हो चुकी हैं।
अचानक से ग्रोथ रुक जानाः
क्या आपके पौधों की लंबाई बढ़ना बिल्कुल बंद हो गई है या फिर उनकी ग्रोथ बहुत धीमी हो गई है जड़ों को ऑक्सीजन न मिलने के कारण पौधे अपनी पूरी ताकत से बढ़ नहीं पाते और उनकी रफ्तार थम जाती है।
तने और पत्तियों का नरम हो जानाः
स्वस्थ पौधों के तने मजबूत और कड़क होते हैं। लेकिन लगातार ज्यादा नमी में रहने की वजह से तने और पत्तियां एकदम नरम पिलपिले और कमजोर होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में पौधों में फंगल इन्फेक्शन और सड़न का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
जड़ों का सड़ना और बदबू आनाः
यह स्थिति सबसे खतरनाक होती है। जब ओवरवॉटरिंग गंभीर रूप ले लेती है, तो गमले की मिट्टी से अजीब सी सड़न वाली बदबू आने लगती है। अगर आप पौधे को थोड़ा सा हटाकर देखेंगे तो उसकी जड़ें सफेद या स्वस्थ दिखने के बजाय काली भूरी और एकदम गली हुई नजर आएंगी।
अगली बार पौधों में पानी डालने से पहले अपनी उंगली को एक इंच तक मिट्टी में डालकर चेक करें। अगर मिट्टी सूखी लगे तभी पानी दें। याद रखें, पौधों को पानी के साथ-साथ थोड़ी हवा की भी जरूरत होती है।
-हेमलता शर्मा, जयपुर
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