18 फरवरी का पंचांग : फाल्गुन शुक्ल की प्रतिपदा तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

18 फरवरी का पंचांग : फाल्गुन शुक्ल की प्रतिपदा तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग के पांच अंग तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का विशेष महत्व है। ये सभी तत्व किसी भी दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त को निर्धारित करते हैं। 18 फरवरी के पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो शाम 4 बजकर 57 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। 

बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। गणपति की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और संपत्ति में वृद्धि होती है। भक्त सुबह या शुभ मुहूर्त में गणेश जी का पूजन अवश्य करें। गणपति को दूर्वा, सिंदूर, पान, इत्र, लावा, तिल आदि चढ़ाकर मोदक, खीर, हलवा का भोग लगाना चाहिए। 

दृक पंचांग के अनुसार, नक्षत्र शतभिषा रात 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, उसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। योग शिव रात 10 बजकर 45 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करण बव शाम 4 बजकर 57 मिनट तक है। चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे। वहीं, सूर्योदय 6 बजकर 57 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 13 मिनट पर होगा। 

शुभ मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 15 मिनट से 6 बजकर 6 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 28 मिनट से 3 बजकर 13 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 36 मिनट तक और अमृत काल दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। ये समय पूजा, जप, ध्यान या नए कार्य शुरू करने के लिए उत्तम माना जाता है। अशुभ काल का विचार भी महत्वपूर्ण है। 

राहुकाल दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 2 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई शुभ कार्य जैसे विवाह, नामकरण, गृह प्रवेश या यात्रा नहीं करनी चाहिए। यमगंड सुबह 8 बजकर 22 मिनट से 9 बजकर 46 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। आज पूरे दिन पंचक योग भी लागू है, इसलिए कुछ लोग मांगलिक कार्य टाल सकते हैं। 


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