
फैशन बना आस्था का नया ट्रेंड लेकिन क्या आप भी तो नहीं कर रहे रुद्राक्ष से जुड़ी ये भूल
सावन के आते ही हर तरफ हर-हर महादेव की गूंज के साथ-साथ शिव भक्ति का एक नया रंग भी देखने को मिल रहा है इन दिनों रुद्राक्ष सिर्फ पूजा-पाठ की सामग्री तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह युवाओं के बीच सबसे हॉट स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है। हाथ में धाकड़ रुद्राक्ष ब्रेसलेट गले में पेंडेंट और अंगूठियों में रुद्राक्ष का क्रेज तेजी से बढ़ा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना सही जानकारी के इसे सिर्फ कूल लुक के लिए पहनना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है
फैशन के चक्कर में न भूलें ये 5 सबसे जरूरी नियम:
स्टाइल से पहले श्रद्धा: शास्त्रों में रुद्राक्ष को भगवान शिव के अश्रुओं का प्रतीक माना गया है अगर आप इसे पहन रहे हैं तो मन में भक्ति का भाव होना जरूरी है। इसे सिर्फ दिखावे या सोशल मीडिया रील्स के लिए न पहने।
खान-पान और लाइफस्टाइल का ध्यान: रुद्राक्ष धारण करने के बाद नॉन-वेज मांस और शराब जैसी तामसिक चीजों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। अपवित्र स्थानों या अंतिम संस्कार जैसी जगहों पर जाते समय इसे उतार देना ही श्रेयस्कर है।
कपड़ों या बेल्ट में सजावट से बचें: कई लोग रुद्राक्ष के मनकों को जूतों बेल्ट या जैकेट पर सजावटी डिजाइन की तरह इस्तेमाल करने लगे हैं। यह इसकी धार्मिक मर्यादा के खिलाफ माना जाता है।
असली-नकली की पहचान जरूर करें: बाजार में ट्रेंड का फायदा उठाकर प्लास्टिक या कांच से बने नकली रुद्राक्ष भी बेचे जा रहे हैं। आध्यात्मिक लाभ पाना चाहते हैं तो हमेशा प्रामाणिक और जांच- परखकर असली रुद्राक्ष ही खरीदें।
महिलाओं के लिए क्या हैं नियम: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार महिलाएं भी स्वच्छता और आस्था का पालन करते हुए रुद्राक्ष पहन सकती हैं।
साइंटिफिक और स्पिरिचुअल एंगल:
आयुर्वेद और आधुनिक थेरेपी के अनुसार असली रुद्राक्ष में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुण होते हैं जो शरीर के ब्लड प्रेशर और तनाव Stress Level को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसलिए यदि आप इसे पूरे नियमों और श्रद्धा के साथ धारण करते हैं तो यह न केवल आपके लुक को एक नया ओरा Aura देगा बल्कि आपकी पॉजिटिव एनर्जी को भी कई गुना बढ़ा देगा।
हेमलता शर्मा जयपुर
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