स्पेशलिस्ट से जानें गर्मिर्याेें मेें चेेहरेे आैैर बालाेें की देेखभाल करने के उपाय

स्पेशलिस्ट से जानें गर्मिर्याेें मेें चेेहरेे आैैर बालाेें की देेखभाल करने के उपाय

गर्मियों के मौसम में हमारी त्वचा और शरीर के लिए अधिक परेशानियां खड़ी हो जाती है। हर दिन हमारा शरीर गर्मी और बैरोमैट्रिक दबाव के प्रति प्रतिक्रिया करता है। जैसे-जैसे पारा बढ़ता जाता है, तपती धूप, सूखा मौसम हमारे शरीर पर विपरीत प्रभाव डालने को  बाध्य हो जाता है। शरीर हर बार बढ़ते पारे के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता हैं, खासतौर से उस स्थिति में जब हम अपनी जरूरत को लेकर सजग नहीं रहतें कि हमें दिन में लगातार शरीर को नमी पहुंचते रहना चाहिये। गर्मियों में तापमान बढ़ता जाता है और हमारे शरीर पर घातक प्रभाव डालती है।

जैसे-
— त्वचा पर खुजली के साथ चेहरे, गर्दन पर लाल निशान और धड़कनों का तेज हो जाना।
— ब्लड प्रेशर कम हो जाने से बहोशी आ जाती है, जिसे चेतना का खोना कहते हैं, गर्मियों के मौसम में यह बहुत आम होता है।

आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी ‘पित्त दोष’ का मौसम होता है, जिसका संबंध अग्नि तत्व से होता है। यह मेटाबाॅलिज्म (चयापचय) और शरीर में होने वाले परिवर्तनों के लिए  जिम्मेदार होता है, जिसमें पाचन भी शामिल है। कई स्वास्थ्य समस्याएं पित्त दोष से जुड़ी होती हैं, जिनमें शामिल हैं सीने में जलन, शरीर का अत्यधिक तापमान और पसीना, त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे त्वचा पर चकत्ते, घमौरी और मुंहासे, पेट में अत्यधिक एसिडिटी और पेप्टिक अल्सर, चिड़चिड़ापन रूखे बाल और गुस्सा।

- डाॅॅ. नरेश अराेेड़़ा


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