
सावन के व्रत में खाएं साबूदाना खिचड़ी, इस आसान रेसिपी से बनाएं
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के साथ-साथ व्रत और सात्विक भोजन के लिए भी जाना जाता है। इस दौरान कई लोग सोमवार का व्रत रखते हैं और फलाहारी व्यंजनों का सेवन करते हैं। अगर आप व्रत में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भी भर दे, तो साबूदाना खिचड़ी एक बेहतरीन विकल्प है। मूंगफली, आलू और हल्के मसालों से तैयार यह डिश न केवल खाने में लाजवाब लगती है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद कर सकती है। सही तरीके से बनाई गई साबूदाना खिचड़ी दानेदार और बेहद स्वादिष्ट बनती है।
इन सामग्रियों की होगी जरूरत
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए 1 कप साबूदाना, 2 उबले हुए आलू, आधा कप भुनी और दरदरी पिसी मूंगफली, 2 हरी मिर्च, थोड़ा-सा कटा हरा धनिया, 8-10 करी पत्ते, 1 छोटा चम्मच जीरा, 2 बड़े चम्मच घी या मूंगफली का तेल, स्वादानुसार सेंधा नमक, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर और 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस लें। सभी सामग्री पहले से तैयार रखने से खिचड़ी जल्दी और आसानी से बन जाती है।
साबूदाना भिगोने का सही तरीका
खिचड़ी का स्वाद काफी हद तक साबूदाना भिगोने के तरीके पर निर्भर करता है। सबसे पहले साबूदाना को दो-तीन बार अच्छी तरह धो लें, ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए। इसके बाद उसमें इतना ही पानी डालें कि साबूदाना बस डूब जाए। इसे 5 से 6 घंटे या रातभर ढककर रखें। जब साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए, तो हाथ से दबाकर देखें। यदि दाना आसानी से दब रहा है और आपस में चिपक नहीं रहा, तो वह पकाने के लिए तैयार है। भिगोए हुए साबूदाना में मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक मिलाकर हल्का-सा मिक्स कर लें।
इस आसान विधि से बनाएं स्वादिष्ट खिचड़ी
एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालकर चटकने दें। अब हरी मिर्च और करी पत्ते डालकर कुछ सेकंड भूनें। इसके बाद उबले हुए आलू डालकर हल्का सुनहरा होने तक पकाएं। अब तैयार साबूदाना डालें और मध्यम आंच पर लगातार हल्के हाथों से चलाते हुए 4 से 5 मिनट तक पकाएं। जब साबूदाना के दाने पारदर्शी दिखने लगें, तब गैस बंद कर दें। आखिर में नींबू का रस और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इससे खिचड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाएगा।
इन टिप्स से बनेगी दानेदार और परफेक्ट खिचड़ी
साबूदाना खिचड़ी बनाते समय सबसे बड़ी गलती इसे ज्यादा देर तक पकाने की होती है, जिससे यह चिपचिपी हो जाती है। इसलिए इसे केवल उतनी ही देर पकाएं, जितनी जरूरत हो। पानी की मात्रा हमेशा सीमित रखें और भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें। मूंगफली का पाउडर मिलाने से दाने अलग-अलग रहते हैं और स्वाद भी बेहतर हो जाता है। तैयार साबूदाना खिचड़ी को दही, फलाहारी चटनी या एक गिलास ठंडी छाछ के साथ परोसें। यह आसान रेसिपी सावन के व्रत में आपके भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देगी और पूरे परिवार को भी खूब पसंद आएगी।






