
पूजा के पवित्र फूलों को न फेंकें इस आसान तरीके से घर पर ही बनाएं पौधों के लिए सबसे पौष्टिक जैविक खाद
गणेशोत्सव या किसी भी पूजा-अनुष्ठान के बाद अक्सर बड़ी मात्रा में फूल बच जाते हैं। लोग आमतौर पर इन्हें नदियों में प्रवाहित कर देते हैं या कूड़े में फेंक देते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। लेकिन थोड़ी सी देखभाल और सही जानकारी से इन पावन फूलों को घर पर ही नाइट्रोजन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर बेहतरीन कंपोस्ट में बदला जा सकता है।
पूजा के फूलों से खाद बनाने का आसान तरीका
फूलों की छंटाई करें: सबसे पहले फूलों में मौजूद प्लास्टिक के धागे रिबन पन्नियां और अन्य कृत्रिम सजावटी सामान पूरी तरह अलग कर दें। केवल प्राकृतिक पंखुड़ियां पत्तियां और डंठल ही लें।
छोटे टुकड़ों में काटें: फूलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि वे जल्दी से सड़कर मिट्टी में मिल सकें।
गीली और सूखी सामग्री का संतुलन: एक गमले या कम्पोस्ट बिन में सबसे पहले फूलों की एक परत बिछाएं। इसके ऊपर सूखी पत्तियां लकड़ी का बुरादा या कार्डबोर्ड के छोटे टुकड़े डालें। केवल गीले फूल रखने से दुर्गंध आ सकती है इसलिए गीली और सूखी सामग्री का संतुलन होना जरूरी है।
खाद बनने की प्रक्रिया तेज करने का नुस्खा: मिश्रण में थोड़ा सा पुराना गुड़ का पानी या ताजा छाछ छिड़कें। छाछ और गुड़ का पानी उपयोगी जीवाणुओं गुड बैक्टीरिया को सक्रिय करता है जिससे खाद दोगुना तेजी से बनकर तैयार होती है।
नमी और हवा का ध्यान रखें: मिश्रण में हल्की नमी बनाए रखें लेकिन पानी ज्यादा न भरें। हर तीन से चार दिन में किसी लकड़ी की मदद से इस मिश्रण को ऊपर-नीचे करते रहें ताकि हवा अंदर जा सके।
तैयार खाद की पहचान: लगभग चार से छह सप्ताह में जब यह मिश्रण गहरे भूरे रंग का भुरभुरा और सौंधी मिट्टी जैसी खुशबू वाला हो जाए तो समझें कि आपकी होममेड ऑर्गेनिक खाद पूरी तरह तैयार है।
फूलों से बनी यह जैविक खाद पौधों की जड़ों को मजबूत करती है और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाती है। इस आसान उपाय से आप न सिर्फ पूजा के फूलों का सम्मान बनाए रख सकते हैं बल्कि अपने बगीचे को भी हरा-भरा और पोषित रख सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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