
सूर्य की ऊर्जा से चमकाएं अपनी किस्मत आर्थिक संकट दूर करने के लिए अपनाएं यह खास दिशा चक्र
जीवन में धन की कमी मानसिक तनाव और लगातार होते नुकसान का एक बड़ा कारण हमारे आस पास की नकारात्मक ऊर्जा हो सकती है। भारतीय परंपरा में घर की बनावट और दिशाओं का हमारे भाग्य से सीधा संबंध माना गया है। सौरमंडल के राजा सूर्य देव न केवल सृष्टि को रोशनी देते हैं बल्कि हमारे जीवन में मान सम्मान तरक्की और धन के आगमन को भी नियंत्रित करते हैं। यदि घर में सूर्य की किरणों का प्रवेश सही तरीके से न हो तो आर्थिक तंगी और परिवार में आपसी मतभेद बढ़ने लगते हैं। अपने घर में कुछ आसान बदलाव करके आप सूर्य देव को प्रसन्न कर सकते हैं और दरिद्रता से मुक्ति पा सकते हैं।
दिन के प्रहर और दिशाओं का सही तालमेल
सुबह के पहले पहर में सूर्य की स्थिति उत्तर और पूर्व के बीच होती है। इस समय को ईश्वर की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। घर का पूजा स्थल हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में ही बनाना चाहिए। इस शांत समय में किया गया ध्यान और पाठ पूरे घर को सकारात्मकता से भर देता है।
जैसे ही सुबह की शुरुआत हो अपने घर के मुख्य द्वारों और खिड़कियों को पूरी तरह खोल देना चाहिए। सुबह की ताजी धूप जब घर के भीतर आती है तो वह रात भर की जमा अशुद्धियों और नकारात्मकता को नष्ट कर देती है। इससे घर में सुख समृद्धि का वास होता है।
दिन चढ़ने के साथ ही सूर्य की स्थिति दक्षिण पूर्व की तरफ होने लगती है। यह समय भोजन बनाने और दैनिक कार्यों के लिए सबसे अनुकूल होता है। इसलिए घर की रसोई और स्नानघर को हमेशा दक्षिण पूर्व कोने में स्थान देना चाहिए। इस दिशा में सूर्य की किरणें हानिकारक तत्वों को खत्म कर माहौल को सेहतमंद बनाए रखती हैं।
दोपहर के समय सूर्य की किरणें बहुत तेज और भारी हो जाती हैं। इस दौरान सूर्य देव दक्षिण दिशा में मौजूद रहते हैं। घर के मुख्य व्यक्ति का कमरा इसी दिशा में होना चाहिए। दोपहर के आराम के समय तेज किरणों से बचने के लिए कमरे की खिड़कियों पर गहरे रंग के परदों का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है ताकि सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े।
इन आसान नियमों को दिनचर्या और घर की व्यवस्था में शामिल करके आर्थिक बाधाओं को दूर किया जा सकता है और करियर में सफलता के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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