
घर में टूटे-फूटे सामान को संभालकर रखने की आदत छोड़ें, वास्तु से जुड़ी इस मान्यता को समझें
घर में कोई सामान टूट जाए तो कई लोग उसे तुरंत फेंकने के बजाय यह सोचकर रख देते हैं कि कभी न कभी काम आ जाएगा। धीरे-धीरे ऐसे टूटे कप, पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान, खराब घड़ियां, टूटे शोपीस और बेकार फर्नीचर घर के किसी कोने में जमा होते जाते हैं। इससे न सिर्फ घर में अनावश्यक सामान बढ़ता है, बल्कि जगह भी घिरी हुई नजर आती है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में भी लंबे समय तक टूटे या खराब सामान को घर में रखने को अच्छा नहीं माना जाता। हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फिर भी घर को साफ, व्यवस्थित और उपयोगी बनाए रखने के लिहाज से बेकार चीजों को समय-समय पर हटाना एक अच्छी आदत हो सकती है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ खास बातें।
टूटे हुए शोपीस को सिर्फ यादों के लिए न संभालें
घर सजाने के लिए रखे गए शोपीस या सजावटी सामान अगर टूट जाएं तो कई बार लोग उन्हें सिर्फ इसलिए संभालकर रखते हैं क्योंकि उनसे कोई याद जुड़ी होती है। वास्तु की पारंपरिक मान्यता में टूटे या क्षतिग्रस्त सजावटी सामान को लंबे समय तक घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। व्यावहारिक रूप से भी टूटा शोपीस धूल जमा कर सकता है या उसके नुकीले हिस्से चोट का कारण बन सकते हैं। अगर चीज भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है तो उसकी तस्वीर संभालकर रखना एक विकल्प हो सकता है।
बंद या खराब घड़ी को घर में न रखें
खराब या लंबे समय से बंद पड़ी घड़ी भी घर में अक्सर यूं ही रखी रहती है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में रुकी हुई घड़ी को शुभ नहीं माना जाता और उसे ठीक कराने या हटाने की बात कही जाती है। व्यावहारिक तौर पर भी अगर घड़ी की जरूरत है तो उसे समय पर ठीक करवाना बेहतर है। अगर वह काफी समय से खराब है और इस्तेमाल में नहीं आ रही, तो उसे स्टोरेज में जगह घेरने के बजाय हटाया जा सकता है।
टूटे बर्तन और कांच की चीजों को करें अलग
हल्की दरार वाला कप, टूटी प्लेट या चटका हुआ कांच का सामान अक्सर किचन में पड़ा रह जाता है। ऐसे बर्तनों को इस्तेमाल करते रहना सुविधाजनक नहीं होता और टूटे किनारे हाथ या होंठ को चोट पहुंचा सकते हैं। इसलिए इन्हें अलग करके सुरक्षित तरीके से डिस्पोज करना बेहतर है। वास्तु की मान्यता भी घर में टूटे बर्तनों को जमा करके रखने के बजाय हटाने पर जोर देती है। खासकर बच्चों की पहुंच से ऐसी चीजों को दूर रखना जरूरी है।
खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान का ढेर न लगाएं
पुराना रिमोट, खराब चार्जर, बंद पड़ा छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या ऐसा गैजेट जिसे लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया गया है, अक्सर दराजों में जमा होता रहता है। इन्हें सिर्फ इस उम्मीद में रखना कि शायद कभी जरूरत पड़ जाए, घर में अनावश्यक सामान बढ़ा सकता है। जो चीज ठीक हो सकती है उसे समय पर रिपेयर करवाएं और जो बिल्कुल काम की नहीं है उसे ई-वेस्ट के उचित तरीके से निपटाएं। इससे स्टोरेज की जगह भी खाली होगी और घर व्यवस्थित रहेगा।
टूटे फर्नीचर को भी अनदेखा न करें
टूटी कुर्सी, ढीली मेज या खराब शेल्फ को घर के किसी कोने में रख देना आसान लगता है, लेकिन इससे जगह घिरी रहती है। अगर फर्नीचर की मरम्मत संभव है तो उसे समय पर ठीक करवाएं। अगर वह इस्तेमाल के लायक नहीं है तो उसे हटाना बेहतर है। वास्तु में भी घर में लंबे समय तक खराब सामान जमा करके न रखने की परंपरागत सलाह मिलती है। साथ ही व्यावहारिक रूप से भी खराब फर्नीचर गिरने या चोट लगने का कारण बन सकता है।
बनाएं एक आसान नियम
हर टूटे सामान को तुरंत फेंक देना जरूरी नहीं है। पहले देखें कि वह वास्तव में उपयोगी है या सिर्फ आदत के कारण रखा हुआ है। मरम्मत हो सकती है तो उसके लिए समय तय करें और अगर लंबे समय तक उसे ठीक नहीं कराया जा रहा है तो उसे हटाने पर विचार करें। महीने में एक बार घर के स्टोरेज, दराज और कोनों की जांच करने की आदत भी बनाई जा सकती है। इससे अनावश्यक सामान जमा होने की समस्या कम होगी।
मान्यताओं पर आधारित
वास्तु से जुड़ी टूटे सामान की ये बातें पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक नियम नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन घर को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिहाज से खराब और बेकार चीजों को समय-समय पर हटाना निश्चित रूप से उपयोगी आदत हो सकती है।






