मुख की दुर्गंध खराब पाचन का संकेत, आयुर्वेद से जाने हर्बल माउथवॉश बनाने का तरीका

मुख की दुर्गंध खराब पाचन का संकेत, आयुर्वेद से जाने हर्बल माउथवॉश बनाने का तरीका

नई दिल्ली। आमतौर पर ब्रश करके दांतों को चमकदार बनाना ही मुख की स्वच्छता को दर्शाता है। लोगों को लगता है कि दिन में दो बार ब्रश से ओरल हाइजीन का ध्यान रखा जा सकता है, लेकिन यह गलत है। मुख केवल दांतों की सफाई का विषय नहीं है। 

आयुर्वेद में इसे पाचन, श्वास और संपूर्ण स्वास्थ्य का द्वार माना गया है। ओरल हाइजीन के लिए हम ब्रश के साथ-साथ केमिकल से भरे माउथवॉश का उपयोग करते हैं, जो न सिर्फ दांतों के लिए बल्कि पेट की पाचन शक्ति के लिए भी हानिकारक होते हैं। केमिकल टूथपेस्ट और माउथवॉश के उपयोग से मुख की प्राकृतिक नमी और जीवाणु संतुलन को धीरे-धीरे क्षीण कर देते हैं। 

आज के ज्यादातर माउथवॉश में रसायन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो ताजगी तो देती है लेकिन इसके साथ ही मुख अपनी प्राकृतिक नमी खो देता है और लार भी बननी कम हो जाती है। हालांकि मुख की सुरक्षा को प्रकृति ने सरल बना दिया है। इसके लिए कुछ जड़ी-बूटियाँ, संतुलित मात्रा, और सही विधि को जानना जरूरी है। यह हर्बल माउथवॉश सिर्फ मुंह की दुर्गंध से ही नहीं बल्कि दांतों और मसूड़ों में होने वाली परेशानी से भी राहत देगा। 

अब जानते हैं कि हर्बल माउथवॉश कैसे बनाएं। इसके लिए लौंग, सौंफ,दालचीनी, और फिटकरी और पानी को मिलाकर उबाल लें। इसमें किसी तरह के कृत्रिम रंग या फ्लेवर का इस्तेमाल न करें। जब पानी उबलने के बाद आधा हो जाए तो छानकर ठंडा कर एक कांच की बरनी में रख लें। सुबह और रात दोनों समय इस प्राकृतिक हर्बल माउथवॉश से कुल्ला करें और इसे करने के बाद मुख को दोबारा पानी से धोने की जरूरत नहीं है। 

हर्बल माउथवॉश सिर्फ मुख की दुर्गंध से ही छुटकारा नहीं दिलाएगा, बल्कि दांतों को मजबूती भी देगा, मसूड़ों की सूजन को कम करेगा, दांतों पर जमा पीलापन हटाएगा और कीटाणुओं का नाश भी करेगा। अगर मसूड़ों में खून आने की समस्या है, तब भी उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। माउथवॉश में मौजूद लौंग मसूड़ों को मजबूती देती है। रोजाना अगर हर्बल माउथवॉश का उपयोग किया जाए तो खुद आपको अपने दांतों में फर्क नजर आएगा।

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