घर की सजावट करते समय न करें ये छोटी-छोटी गलतियां, बिगड़ जाएगा पूरा लुक

घर की सजावट करते समय न करें ये छोटी-छोटी गलतियां, बिगड़ जाएगा पूरा लुक


घर को खूबसूरत बनाने के लिए महंगे फर्नीचर या ढेर सारे डेकोरेशन पीस खरीदना ही काफी नहीं है। कई बार छोटी-छोटी सजावटी गलतियां पूरे कमरे की खूबसूरती को प्रभावित कर देती हैं। जरूरत से ज्यादा सामान रखना, हर चीज को एक ही रंग में चुनना या कमरे के आकार के हिसाब से फर्नीचर न लेना ऐसी गलतियां हैं, जो घर को व्यवस्थित दिखाने के बजाय भरा-भरा बना सकती हैं। इसी तरह रोशनी को नजरअंदाज करना और दीवारों पर जरूरत से ज्यादा सजावट करना भी पूरे इंटीरियर का बैलेंस बिगाड़ सकता है। अगर आप घर को नया लुक देने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय कमरे की जरूरत और स्पेस को समझना जरूरी है।
जरूरत से ज्यादा सजावटी सामान
घर को सजाने के चक्कर में अक्सर हम हर खाली जगह को किसी न किसी शोपीस, फूलदान या दूसरी चीजों से भर देते हैं। इससे कमरे की खूबसूरती बढ़ने के बजाय वह अस्त-व्यस्त नजर आने लगता है। सजावट में खाली जगह भी उतनी ही जरूरी होती है। सेंटर टेबल, टीवी यूनिट, शेल्फ या साइड टेबल पर एक साथ बहुत सारी चीजें रखने के बजाय कुछ चुनिंदा पीस रखें। बड़े कमरे में भी हर कोने को सजाना जरूरी नहीं है। कुछ जगहों को खाली छोड़ने से बाकी सजावटी चीजें ज्यादा उभरकर दिखाई देती हैं और पूरा कमरा खुला-खुला लगता है।
कमरे के आकार के हिसाब से फर्नीचर चुनना न भूलें
सजावट के दौरान सिर्फ फर्नीचर का डिजाइन देखकर उसे खरीद लेना भी आम गलती है। छोटे कमरे में बहुत बड़ा सोफा, भारी सेंटर टेबल या जरूरत से बड़ी अलमारी जगह को और छोटा दिखा सकती है। वहीं बड़े कमरे में बहुत छोटा फर्नीचर रखने से स्पेस असंतुलित लग सकता है। इसलिए किसी भी फर्नीचर को खरीदने से पहले कमरे की लंबाई-चौड़ाई और उसके आसपास बचने वाली जगह का अंदाजा जरूर लगाएं। फर्नीचर के बीच आने-जाने के लिए पर्याप्त रास्ता होना भी जरूरी है, ताकि खूबसूरती के साथ सुविधा बनी रहे।
हर चीज को एक ही रंग में रखने की कोशिश न करें
एक ही रंग के अलग-अलग शेड्स का इस्तेमाल खूबसूरत लग सकता है, लेकिन पूरे कमरे में एक ही रंग को जरूरत से ज्यादा दोहराने से सजावट सपाट नजर आ सकती है। दीवार, पर्दे, सोफा, कुशन और कार्पेट सभी का रंग एक जैसा रखने के बजाय बेस कलर के साथ दो-तीन कॉम्प्लिमेंटरी शेड्स शामिल करें। अगर फर्नीचर का रंग न्यूट्रल है, तो कुशन, रग या छोटे डेकोरेशन पीस के जरिए हल्का कॉन्ट्रास्ट दिया जा सकता है। इससे कमरे में विजुअल बैलेंस बना रहता है और सजावट ज्यादा दिलचस्प लगती है।
सिर्फ ऊपर की लाइट पर निर्भर न रहें
कमरे की सजावट में लाइटिंग को नजरअंदाज करने से अच्छा इंटीरियर भी फीका लग सकता है। सिर्फ एक तेज सीलिंग लाइट लगाने के बजाय कमरे की जरूरत के अनुसार अलग-अलग लाइट सोर्स रखें। टेबल लैंप, फ्लोर लैंप या वॉल लाइट जैसे विकल्प कमरे में अलग माहौल बना सकते हैं। जहां संभव हो, दिन के समय प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल करें और खिड़कियों को बहुत भारी पर्दों से पूरी तरह ढकने से बचें। सही रोशनी से कमरे के खूबसूरत हिस्से भी ज्यादा उभरकर दिखाई देते हैं।
दीवारों को सजाते समय हर जगह कुछ लगाने से बचें
खाली दीवार देखकर उस पर तुरंत फोटो फ्रेम, पेंटिंग या वॉल डेकोर लगाने की जरूरत नहीं है। एक बड़ी दीवार पर एक प्रमुख आर्ट पीस या कुछ तस्वीरों का संतुलित समूह काफी हो सकता है। फ्रेम लगाने से पहले उनकी ऊंचाई और आपस की दूरी भी तय करें। बहुत छोटे-छोटे फ्रेम बेतरतीब तरीके से लगाने पर दीवार उलझी हुई लग सकती है। सजावट का मकसद हर खाली जगह भरना नहीं, बल्कि कमरे के लुक को संतुलित और खूबसूरत बनाना होना चाहिए।

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