
2 अप्रैल का पंचांग : श्रीराम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय
नई दिल्ली। चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 2 अप्रैल गुरुवार को है। इस दिन श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। हनुमान जी को शक्ति, भक्ति, साहस और सेवाभाव का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर देशभर में हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और राम नाम जप विशेष फलदायी माना जाता है। भक्त संकल्प लेकर व्रत भी रख सकते हैं। पूर्णिमा तिथि होने के कारण इस दिन चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। संकट मोचन के जन्मोत्सव के मौके पर दान-पुण्य और गरीबों को भोजन कराने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
हनुमान जी की कृपा से भक्तों को साहस, बुद्धि और संकट मोचन की प्राप्ति होती है। 2 अप्रैल को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 39 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रोदय शाम 7 बजकर 7 मिनट पर होगा।
तिथि पूर्णिमा सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक है, इसके बाद कृष्ण प्रतिपदा लग जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन पूर्णिमा का ही मान होगा। नक्षत्र हस्त दोपहर 5 बजकर 38 मिनट तक, इसके बाद चित्रा रहेगा। योग ध्रुव दोपहर 2 बजकर 20 मिनट तक व करण बव सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव है।
पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 38 मिनट से 5 बजकर 24 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 50 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 38 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। वहीं, अमृत काल सुबह 11 बजकर 18 मिनट से दोपहर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
2 अप्रैल को अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 3 बजकर 32 मिनट तक, यमगंड सुबह 6 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 9 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 51 मिनट तक व दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 20 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से 4 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
-आईएएनएस
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