
नेचुरल ग्लो के लिए दिन में दो बार लगाएं नीम का पानी चेहरे के दाग-धब्बों से पाएं राहत
गर्मियों और उमस की वजह से चेहरे पर कील-मुंहासे तथा जिद्दी दाने होना एक आम समस्या है। इस समस्या से निजात पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स या दवाओं की आवश्यकता नहीं है। घर के आसपास आसानी से मिलने वाली नीम की पत्तियां त्वचा की इन परेशानियों को स्वाभाविक रूप से ठीक कर सकती हैं।
खराब खानपान बढ़ता प्रदूषण और बदलती जीवनशैली चेहरे पर एक्ने और पिंपल्स का मुख्य कारण बनते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में ही नीम को त्वचा के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक माना गया है।
नीम में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। यह गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया का खात्मा करते हैं तथा त्वचा की रेडनेस और सूजन को कम करते हैं।
नीम का पानी तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजी पत्तियों को साफ पानी से धो लें। इसके बाद दो कप पानी में इन पत्तियों को आठ से दस मिनट तक उबालें जब तक पानी का रंग हरा न हो जाए। तैयार पानी को ठंडा करके किसी साफ बर्तन या स्प्रे बोतल में छानकर रख लें।
इस नीम के पानी का इस्तेमाल दिन में दो बार टोनर की तरह किया जा सकता है। चेहरा धोने के बाद कॉटन की मदद से इसे पूरे चेहरे पर लगाएं और प्राकृतिक रूप से सूखने दें।नियमित रूप से नीम का पानी लगाने से चेहरे का एक्स्ट्रा ऑयल कंट्रोल होता है और बंद पोर्स की सफाई होती है। इससे पुराने दाग-धब्बों में कमी आती है और चेहरा प्राकृतिक रूप से चमकने लगता है।
जिन लोगों की त्वचा अधिक संवेदनशील या ड्राई है वे इसका इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें। नीम के पानी का इस्तेमाल करने के बाद त्वचा पर हल्का मॉइश्चराइजर लगाना फायदेमंद रहता है।
हेमलता शर्मा जयपुर
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