
दिवाली पर हलवाई जैसा खस्ता मावा गुजिया बनाने का आसान तरीका
दिवाली के पावन पर्व पर मिठाइयों की महक हर घर में छा जाती है लेकिन बाजार की मिलावटी मिठाइयों के बजाय घर पर बनी पारंपरिक मावा गुजिया का स्वाद सबसे निराला होता है। शुद्ध मावा मेवे और इलायची के अद्भुत संगम से तैयार होने वाली यह गुजिया स्वाद और खुशबू दोनों में लाजवाब होती है। इसे सही विधि से बनाकर आप इस त्योहार पर अपनों का मुंह मीठा करा सकती हैं।
घर पर बनी गुजिया की असली पहचान उसका खस्तापन और अंदर की भरपूर स्टफिंग होती है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदे में शुद्ध देसी घी का मोयन देकर अच्छी तरह मिला लें । इसके बाद हल्के गुनगुने दूध की मदद से नरम आटा गूंथकर करीब बीस मिनट के लिए ढककर रख दें। ऐसा करने से आटा एकदम सेट हो जाता है और पूड़ियां बेलते समय फटती नहीं हैं।
जब तक आटा सेट हो तब तक गुजिया की स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार कर लें। इसके लिए कढ़ाई में थोड़ा घी डालकर फीके मावे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें जब मावे का रंग हल्का गुलाबी हो जाए और उसमें से भीनी खुशबू आने लगे तो गैस बंद करके उसे ठंडा होने दें इसके साथ ही काजू बादाम किशमिश पिस्ता सूजी और खसखस को भी घी में हल्का रोस्ट कर लें।
सभी भुनी हुई चीजों के ठंडे होने पर उन्हें मावे के साथ मिलाएं और फिर स्वादानुसार पिसी शक्कर व इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। अब तैयार आटे की छोटी लोइयां बनाकर पूड़ियां बेल लें और बीच में एक दो चम्मच स्टफिंग रखें पूड़ी के किनारों पर थोड़ा पानी लगाकर उसे मोड़ें और उंगलियों से अच्छे से दबाकर बंद कर दें ताकि तलते समय मसाला बाहर न फैले।
आखिर में कढ़ाई में घी गर्म करें और गुजिया को धीमी या मध्यम आंच पर धीरे धीरे तलें । जब गुजिया का रंग सुनहरा और बाहरी परत कुरकुरी हो जाए तो इसे बाहर निकाल लें ठंडी होने के बाद यह स्वादिष्ट मावा गुजिया परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दिवाली घर की बनी इस पारंपरिक मिठाई से अपने त्योहार के जश्न में मिठास घोलें।
हेमलता शर्मा जयपुर
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