फैशन का नया दौर: रिपीटिंग आउटफिट्स अब शर्म नहीं बल्कि स्टाइल और समझदारी की पहचान

फैशन का नया दौर: रिपीटिंग आउटफिट्स अब शर्म नहीं बल्कि स्टाइल और समझदारी की पहचान

​बदलते दौर के साथ फैशन की परिभाषा भी बदल रही है। एक समय था जब किसी खास मौके पर पहना गया कपड़ा दोबारा पहनना शर्मिंदगी की बात मानी जाती थी, लेकिन अब वही पुराना आउटफिट एक नया फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। आज की युवा पीढ़ी और फैशन विशेषज्ञ कम कपड़ों में ज्यादा क्रिएटिविटी दिखाने को ही असली स्टाइल मान रहे हैं।


​सोच में बड़ा बदलाव सोशल मीडिया के दौर में हर बार नई ड्रेस पहनने की होड़ अब खत्म हो रही है। लोग समझ रहे हैं कि बार-बार नए कपड़े खरीदना न तो बजट के लिए सही है और न ही पर्यावरण के लिए।



सेलेब्स भी कर रहे हैं री-पीट ट्रेंड फॉलो बॉलीवुड और हॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे भी अब रेड कार्पेट और शादियों में अपने पुराने कपड़े दोबारा पहनकर इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहे हैं। जब सेलिब्रिटीज अपनी पसंदीदा ड्रेसेस बार-बार पहन सकते हैं तो आम लोगों के बीच भी इसका क्रेज तेजी से बढ़ रहा है।


​कैप्सूल वार्डरोब और सस्टेनेबिलिटी आजकल कैप्सूल ववार्डरोब और सस्टेनेबल फैशन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अलमारी में कम लेकिन बेहतर और टिकाऊ कपड़े रखना है जिन्हें अलग-अलग मौकों पर आसानी से मैच किया जा सके।​30 वेयर रूल 30 Wear Rule का अनोखा नियम दुनिया भर के फैशन एक्सपर्ट्स अब 30 वेयर रूल अपनाने की सलाह दे रहे हैं। इसका मतलब है कि कोई भी कपड़ा खरीदने से पहले खुद से यह सवाल पूछें कि क्या आप इसे कम से कम 30 बार पहनेंगे अगर जवाब हां है तभी उसे खरीदें। यह नियम फालतू खर्च और अलमारी का कचरा दोनों रोकता है।



​एक कपड़ा कई अलग अंदाज कपड़ा वही रहता है लेकिन उसके साथ पहने जाने वाले एक्सेसरीज और कॉम्बिनेशन बदल जाते हैं।


​सफेद शर्ट: इसे फॉर्मल पैंट के साथ दफ्तर में जींस के साथ वीकेंड पर और जैकेट के साथ पार्टी में पहना जा सकता है।


​कुर्ती व साड़ी: एक ही कुर्ती को पलाजो, जींस या स्कर्ट के साथ अलग लुक दिया जा सकता है। साड़ी का ब्लाउज या ड्रेपिंग स्टाइल बदलकर नया अंदाज पाया जा सकता है।​सोशल मीडिया और री-वेयर ट्रेंड इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एक ड्रेस को 5 तरीकों से कैसे पहनें जैसे वीडियो काफी पसंद किए जा रहे हैं। इन्फ्लुएंसर्स भी अब री-वेयर फैशन को खुलकर प्रमोट कर रहे हैं।


आत्मविश्वास ही असली फैशन है कपड़े अलमारी में सजाने के लिए नहीं, बल्कि इस्तेमाल करने के लिए होते हैं। अगर कपड़ा साफ है, उसकी फिटिंग सही है और आप उसमें कम्फर्टेबल महसूस करते हैं तो उसे आत्मविश्वास के साथ दोबारा पहनने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए।


हेमलता शर्मा जयपुर

#महिलाओं के शरीर पर  तिल,आइये जानते हैं   इसके राज



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