
सुबह की 7 दिव्य आदतें जो बदल देंगी आपका भाग्य और बढ़ाएंगी सकारात्मक ऊर्जा
सुबह की शुरुआत अगर सही और सकारात्मक आदतों के साथ हो तो पूरे दिन मन शांत रहता है और काम में सफलता मिलती है। वास्तु शास्त्र और सनातन धर्म की प्राचीन मान्यताओं के अनुसार सुबह उठने के बाद किए जाने वाले कुछ छोटे और सरल काम हमारे जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर आप भी अपने दिन को ऊर्जावान और सुख समृद्धि से भरपूर बनाना चाहते हैं तो अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में इन सात आसान नियमों को शामिल कर सकते हैं।
पहला नियम है सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों के दर्शन करना। हमारे शास्त्रों में माना गया है कि हथेली के अग्र भाग में माता लक्ष्मी मध्य में माता सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास होता है। सुबह उठकर अपनी हथेलियों को देखकर मन ही मन ईश्वर को याद करने से दिन की शुरुआत अच्छे और पवित्र विचारों के साथ होती है।
दूसरा नियम है बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले धरती माता को प्रणाम करना। पृथ्वी हमें आधार और अन्न प्रदान करती है। इसलिए पैर जमीन पर रखने से पूर्व हाथ लगाकर धरती माता का स्पर्श करना और उनका आभार व्यक्त करना बेहद शुभ माना जाता है। इससे मन में नम्रता और प्रकृति के प्रति सम्मान का भाव जागृत होता है।
तीसरा नियम है सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना। साफ लोटे में जल लेकर सूर्य की ओर देखते हुए धीरे धीरे अर्घ्य देने से शरीर को सुबह की ताजी धूप और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। धार्मिक दृष्टि से इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
चौथा नियम है घर के मंदिर में दीपक जलाकर कुछ समय ध्यान लगाना। यदि आपके पास बहुत अधिक समय न हो तो भी केवल दो से पांच मिनट आंखें बंद करके शांत बैठें और अपने इष्ट देव का स्मरण करें। इससे मन का तनाव दूर होता है और कार्यक्षेत्र में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
पांचवां नियम है तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और उसकी देखभाल करना। तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। सुबह के समय तुलसी के पास कुछ पल बिताने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है और मन प्रसन्न महसूस करता है।
छठा नियम है घर के मुख्य द्वार को हमेशा साफ सुथरा रखना। वास्तु शास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी का प्रवेश होता है। इसलिए सुबह दरवाजे के आसपास स्वच्छता रखें और वहां कूड़ा जमा न होने दें।
सातवां नियम है बेजुबान पक्षियों के लिए दाना और पानी रखना। अपनी छत या बालकनी में पक्षियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करना एक अत्यंत पुण्य का कार्य है। इससे मन को आत्मिक संतोष मिलता है। इन सरल आदतों को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।
हेमलता शर्मा जयपुर
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