नव वर्ष में 10 लाख जॉब

नव वर्ष में 10 लाख जॉब

नए साल में इंडिया इंक 10 लाख लोगों को हायर कर सकता है। 2013 में सैलरी में भी 10-15 फीसदी की बढोतरी हो सकती है। एचआर कंसल्टेंट्स के एस्टिमेट के मुताबिक, 2013 में जॉब मार्केट 2012 से बेहतर रह सकता है। इकॉनमी स्लोडाउन से बाहर आ रही है। डोमेस्टिक और इंटरनैशनल मार्केट्स में डिमांड बढने से नए जॉब के मौके बनेंगे।

इंडस्ट्री एस्टिमेट के मुताबिक, खराब इकॉनमी के बावजूद 2012 में 7 लाख नए लोगों को रोजगार मिला। नए साल में यह संख्या 10 लाख से ज्यादा हो सकती है। नया साल जॉब तलाशने वालों के लिए अच्छा रहेगा। इस साल 10 लाख से ज्यादा नई हायरिंग हो सकती है। खराब इकॉनमी के चलते 2012 नौकरी ढूंढने वालों के लिए अच्छा नहीं रहा।

रीटेल, इंफ्रास्ट्रच्कर, हेल्थकेयर, पावर, एनर्जी, बैंकिग, लौजिस्टक्स में 5-6 लाख नए लोगो को काम मिलेगा। ज्यादातर सेक्टर्स में ऎवरेज सैलरी हाइक सिंगल डिजिट में रहेगी। कम्पनियां अभी कॉस्ट कम करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, अच्छे परफॉर्मर्स की सैलरी 10-15 फीसदी बढ सकती है।

अच्छे परफॉर्मर्स को स10-15 फीसदी की सैलरी हाइक मिल सकती है। हालांकि, नए साल में भी इंडिया इंक के अजेंडा में कॉस्ट कंट्रोल बना रहेगा। नए साल में भी कम्पनियां ऎहतियात बरतेंगी। हालांकि, हायरिंग करने से वे पीछे नहीं हटेंगी। बडे पैमाने पर हायरिंग सरकारी कम्पनियां कर सकती हैं। इसमें सरकारी बैक अहम रोल अदा कर सकते हैं। आईटी और दूसरे सेक्टर्स में मार्केटिंग-सेल्स हायरिंग मैक्रो-इकॉनमी पर डिपेंड करेगी। नए साल बैंकिंग 50,000-70,000 लोगों को हायर कर सकते हैं। अगर प्राइवेट सेक्टर को नए बैंकिग लाइसेंस दिए जाते हैं, तो उनकी ओर से भी अच्छी हायरिंग दिख सकती है।

पिछले कुछ साल में फाइनैंशियल सेक्टर में हायरिंग अच्छी नहीं रही है। हालांकि, नए साल में हालात बदल सकते हैं। आईटी, रीटेल, हैल्थकेयर, एजुकेशन, बैंकिंग, फइनैंशल सर्विसेज, इंश्योंरेस और ट्रडिशनल सेक्टर्स में हायरिंग के अच्छे मौके बन सकते हैं।